कठुआ। जिला विकास आयुक्त राहुल यादव ने मंगलवार को जिला सचिवालय के सभागार में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों से संबंधित योजनाओं की समीक्षा के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने बागवानी विभाग को सड़क किनारे मंडियां खोलने और कृषि विभाग को राष्ट्रीय बांस मिशन को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश जारी किए।
शुरूआत में मुख्य कृषि अधिकारी कठुआ विजय कुमार उपाध्याय ने जिला कठुआ के संबंध में केन्द्र प्रायोजित योजनाओं, कैपेक्स बजट, पंचायती राज बजट के अंतर्गत वर्ष 2021-22 की कार्य योजनाओं की विस्तृत प्रस्तुति दी। बैठक के दौरान बागवानी, मत्स्य पालन, पशुपालन, भेड़ पालन, रेशम उत्पादन जैसे संबद्ध क्षेत्र के विभागों ने भी अपनी वार्षिक कार्य प्रस्तुत की। जिला विकास आयुक्त राहुल यादव ने कृषि विभाग को राष्ट्रीय बांस मिशन को लागू करते हुए प्रभावी बनाने के लिए क्लस्टर क्षेत्र दृष्टिकोण अपनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से कंडी और वर्षा सिंचित क्षेत्रों में प्राकृतिक बारहमासी जल संसाधनों का दोहन करके सूक्ष्म सिंचाई के समग्र विकास के लिए जीविका मॉडल की तर्ज पर परियोजनाएं विकसित की जानी चाहिए। उन्होंने मुख्य कृषि अधिकारी कठुआ को डीपीआर तैयार करने का भी निर्देश दिया। जिला विकास आयुक्त ने पॉली हाउस अवधारणा को बढ़ावा देने का भी आह्वान किया ताकि अधिक से अधिक लोग खेती की तकनीक को अपनाएं जिससे कि वातानुकूलित वातावरण में अधिक उपज की गारंटी हो।
उन्होंने कृषि और बागवानी विभागों के संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि मशीनरी बैंकों का लाभ जनता तक पहुंचे। बागवानी उत्पादन और विपणन विभाग को लखनपुर में सीधी मार्केटिंग के लिए सड़क किनारे मंडियां खोलने के निर्देश दिए गए। रेशम उत्पादन योजनाओं की समीक्षा करते हुए जिला विकास आयुक्त ने विभाग के अंतर्गत घटते क्षेत्र पर चिंता व्यक्त की। कहा कि इस पर उचित ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि उपयुक्त क्षेत्रों में योजनाओं के दायरे का पता लगाया जा सके। बैठक में मुख्य योजना अधिकारी उत्तम सिंह, मुख्य पशुपालन अधिकारी कठुआ, जिला भेड़पालन अधिकारी कठुआ, सहायक निदेशक मत्स्य कठुआ, जिला रेशम उत्पादन अधिकारी कठुआ और जिला कृषि अधिकारी (विस्तार) कठुआ उपस्थित थे।