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कैप्टन जयंत जोशी के पिता ने राष्ट्रपति से लगाई गुहार

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कठुआ। रंजीत सागर झील में डूबे सेना के रुद्र हेलिकॉप्टर के साथ लापता हुए सह-पायलट कैप्टन जयंत जोशी का अब तक कुछ पता नहीं है। ऐसे में बेटे की खबर न मिलने से व्यथित पिता हरीश जोशी ने राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है।
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लापता कैप्टन के भाई नील जोशी के ट्विटर से एक पोस्ट साझा करते हुए हरीश जोशी ने लिखा, मैं डेढ़ महीने पहले 3 अगस्त को रंजीत सागर झील में दुर्घटनाग्रस्त हुए रुद्र हेलिकॉप्टर के सह-पायलट कैप्टन जयंत जोशी का पिता हरीश जोशी हूं। मैं सेना के कठोर प्रयासों और बहादुर नौसेना कर्मियों के जारी प्रयासों की सराहना करता हूं। दुर्भाग्य से, मेरे बहादुर पायलट बेटे के बारे में अब भी कोई खबर नहीं है। सेना और नौसेना कुछ हफ्तों में दूसरे पायलट, विमान के मलबे और ब्लैक बॉक्स को झील से निकालने में सफल रही हैं।
हरीश जोशी ने लिखा, ब्लैक बॉक्स के मिलने से मेरे बेटे की खोज की संभावना बढ़ रही है। मेरी पत्नी कर्नल जीवन तारा लगभग 40 वर्षों से एक अधिकारी के रूप में सेना की सेवा कर रही हैं। उन्होंने हजारों बीमार और घायल सैनिकों की देखभाल की है। मेरा बेटा सेना में भर्ती होने के लिए उनसे ही प्रेरित हुआ था। राष्ट्रपति से अनुरोध है कि कृपया प्रयासों को बढ़ाने के लिए रक्षा बलों को व्यक्तिगत आदेश दें। यदि आवश्यक हो, तो उनकी खोज में मदद करने के लिए उच्च तकनीकी उपकरणों की शीघ्र खरीद या आयात करें।
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ज्ञात है कि 3 अगस्त को पठानकोट के मामून से उड़ान भरने के बाद सुबह करीब 11 बजे सेना का रुद्र हेलिकॉप्टर रंजीत सागर झील में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे में दोनों पायलट लापता थे। इनमें से एक के पार्थिव शरीर को सेना ने 12 दिन बाद झील की 80 मीटर गहराई से बरामद किया था। इसके दो सप्ताह बाद झील से हेलिकॉप्टर का मलबा और ब्लैक बॉक्स भी बरामद कर लिया गया। लेकिन, दूसरे पायलट कैप्टन जयंत जोशी का कोई पता नहीं चल पाया है।
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