रंजीत सागर झील में सर्च ऑपरेशन जारी
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रंजीत सागर झील के बीचोंबीच मंगलवार की सुबह क्रैश हुए हेलिकॉप्टर में सवार पायलट और को-पायलट की तलाश के लिए पनडुब्बी उतारी गई है। तलाशी अभियान अभी भी जारी है। विशेष उपकरणों की मदद से नौसेना की टीम लापता पायलटों की तलाश में जुटी हुई है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार हेलिकॉप्टर की स्पीड अधिक होने के कारण इसके गहराई में सिल्ट या फिर पहाड़ीनुमा इलाके में पेड़ों के बीच फंसने का अंदेशा है। फिलहाल, हेलिकॉप्टर के अगले हिस्से को तलाश रही नेवी को हेलिकॉप्टर के गहराई में डूबने की सही जगह भी पता नहीं चल पाई है।
रंजीत सागर झील में इस समय जलस्तर 510 मीटर से अधिक है। यही नहीं, लगभग ढाई दशक पहले अस्तित्व में आई यह कृत्रिम झील पहले पहाड़ियों और जंगलों का हिस्सा हुआ करती थी। जलस्तर कम होने पर अब झील में कई टापू दिखाई देते हैं। ऐसे में झील के समतल न होने से कुछ मीटर की दूरी पर ही गहराई बदलती रहती है, जिससे क्षेत्र में उपकरणों का इस्तेमाल भी उतना ही कठिन हो गया है।
सूत्रों ने बताया कि क्षेत्र में गहरी डुबकी लगाने में नाकाम रहने के बाद पनडुब्बी की मदद ली जा रही है। इससे झील के भीतर की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। झील में जल तरंगों से गहराई में सिल्ट के बीच हेलिकॉप्टर के अगले हिस्से के फंसने का अंदेशा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हर संभव तरीके से हेलिकॉप्टर के मलबे और सवार पायलट और को-पायलट की तलाश जारी है। इसमें नेवी और एनडीआरएफ के साथ साथ स्थानीय प्रशासन की मदद भी ली जा रही है।