हीरानगर। बरसात में उज्ज दरिया और तरनाह नाला में बाढ़ से भूमि कटाव होने के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने कई बार सुरक्षा बांध बनाने की मांग की है, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं की गई। इससे किसानों में प्रशासन के प्रति रोष है।
छिब्बा चक गांव के किसानों का कहना है कि बरसात में हर बार उन्हें बाढ़ के कारण नुकसान झेलना पड़ता है। रामकृष्ण ने कहा कि गांव के कई किसानों की जमीन भूमि कटाव की वजह से बह गई है। कई वर्षों से सुरक्षा बांध बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। इस बार भी बाढ़ में कुछ किसानों की जमीन बह गई और कइयों के खेतों में बाढ़ का पानी घुसने से धान की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई।
उन्होंने कहा कि किसानों की समस्या को समझते हुए अगर समय पर सुरक्षा बांध बनाए गए होते, तो किसानों की जमीनें न बहतीं और न ही खेतों में पानी भरता। स्थानीय सरपंच सतपाल ने कहा हर साल बरसात में बाढ़ के कारण लोगों को नुकसान झेलना पड़ता है। प्रशासन से कई बार अनुरोध कर चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। दरिया के किनारे क्रेट लगाकर सुरक्षा बांध बना दिया जाए तो बाढ़ का पानी किसानों का नुकसान नहीं कर सकता।
उन्होंने कहा कि फिर से प्रशासन से मांग करते हैं कि किसानों की समस्या को समझते हुए सुरक्षा बांध बनाने का काम बरसात खत्म होने के बाद जल्द शुरू कराया जाए। और, जिन लोगों का बाढ़ के कारण नुकसान हुआ है, उन्हें मुआवजा दिया जाना चाहिए।