कठुआ। बनी बसोहली मार्ग पर तीखे मोड़ एक बार फिर खूनी साबित हुए हैं। करडोह के नजदीक तीखे मोड़ पर आल्टो कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा लुढ़की जिसमें चार लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसा शुक्रवार शाम साढ़े सात बजे के लगभग हुआ। पुलिस और स्थानीय लोग लगभग सात सौ फुट गहरी खाई में जंगल और दरिया के इलाके को खंगालने के बाद रात दो बजे राहत बचाव कार्य बंद किया। रात दो बजे तक चार लोगों के शव बरामद किए जा चुके थे। आशंका थी कि वाहन में एक और व्यक्ति सवार था लेकिन ऐसा नहीं पाया गया। सुबह पहली किरण के साथ ही पुलिस टीम फिर मौके पर पहुंची और दुर्घटनास्थल का जायजा लिया।
बनी थाना प्रभारी शाहनवाज गिरी ने बताया कि दुर्घटनास्थल से चार लोगों के शव बरामद हुए थे। जिनमें से दो की पहचान रात को हुई जबकि अन्य दो की पहचान सुबह रिश्तेदारों ने की है। बताया कि मृतकों में 38 वर्षीय माशु राम निवासी चांदल, जोगिंद्र सिंह, हंस राज और ध्यान चंद निवासी ढग्गर शामिल हैं। सभी के शव शनिवार सुबह उपजिला अस्पताल बनी से पोस्ट मार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए गए हैं। अधिकारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला तेज गति का लग रहा है। चूंकि जिस जगह से कार खाई में लुढ़की है वहां तीखा मोड़ है। ऐसा अंदेशा है कि गाड़ी चालक के नियंत्रण से बाहर चली गई। मृतकों में एक सेवानिवृत्त एसपीओ था।
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अंधेरे, गहराई और दूर दराज इलाके ने बढ़ाई रेस्क्यू में देरी
बनी बसोहली मार्ग पर करडोह के नजदीक जब हादसा हुआ तो अंधेरा ढल चुका था। दुर्घटनास्थल गहरी खाई की ओर था और जंगल के इलाके में खाई में उतरना भी उतना ही मुश्किल था। यही वजह थी कि पुलिस टीम को घटनास्थल से आखिरी शव निकालने में रात के दो बज गए। लगभग सात घंटे तक आपरेशन जारी रहा। देरी ने लोगों के बचने की आस को भी खत्म कर दिया था, लेकिन टीमें देर रात तक जुटी रहीं।
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एक ही मोहल्ले से उठी तीन अर्थियां
जिले के दूर दराज ढग्गर गांव में शुक्रवार रात से ही मातम छाया है। शनिवार को हादसे में मृतक तीन लोग ढग्गर के रहने वाले थे। सभी गांव में पड़ोसी थे। रात से ही कई घरों का चूल्हा नहीं जला तो वहीं रिश्तेदार भी रातभर परेशान रहे। शनिवार को मृतकों की पुष्टि होने के बाद गांव में मातम छाया रहा। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव में पहुंचे तो परिजनों का विलाप देख हर किसी की आंखें नम हो गईं। शादी समारोह में भाग लेने जा रहे ढग्गर के तीनों लोगों के शव वापस लौटे थे। गांव के एक ही मोहल्ले से एक साथ तीन अर्थियां उठीं और एक ही जगह पर तीनों का एक साथ अंतिम संस्कार भी कर दिया गया है।