खरीद केंद्र में ठेकेदार की ओर से की जा रही मनमानी के विरोध में प्रदर्शन करते किसान। संवाद
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कठुआ। किसानों की सुविधा के लिए खोले गए धान खरीद केंद्र में ठेकेदार की ओर से बरती जा रही कथित मनमर्जी के खिलाफ किसानों ने कड़ा रोष जताया है। शनिवार को दर्जनों किसानों ने खरकड़ा मोड़ स्थित मंडी में जोरदार प्रदर्शन करते हुए अपने गुस्से का इजहार किया और प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए समस्या के समाधान किए जाने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे किसान नेता देवेंद्र सिंह अंदोत्रा ने मंडी के ठेकेदार पर आरोप लगाते हुए कहा कि भले ही मंडी किसानों की सुविधा के लिए खोली गई है। लेकिन यहां पर किसानों की सुविधा का कोई ख्याल नहीं रखा जा रहा है। हालत यह है कि मंडी के ठेकेदार अपनी मर्जी से चहेते किसानों की फसल की तौल करवा रहे हैं। जबकि अन्य किसान यहां खुले आसमान में पड़ी अपनी फसल की तौल होने का इंतजार करते हुए रातें गुजार रहे हैं। उन्होंने कहा कि गत दिनों हुई बारिश में मंडी में लगा किसानों का हजारों क्विंटल धान पहले ही भीग चुका है। जिसे किसी तरह कड़ी मेहनत कर किसानों ने सुखाया है। लेकिन अब उसको लेने में जिस तरह से भाई भतीजावाद किया जा रहा है, वह असहनीय है। अगर एक बार फिर बारिश हो गई तो पूरी फसल खत्म हो जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन किसानों का धान पहले आया है उसकी पहले खरीद की जानी चाहिए, लेकिन यहां पर ऐसा नहीं हो रहा है। वहीं, जराई गांव के पूर्व सरपंच बाबूराम ने कहा कि ठेकेदार अपने चहेतों को लाभ देने के लिए हर तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। उनके जानने वाले लोगों की फसल क्रम को तोड़ कर तौल की जा रही है। जिससे किसानों में रोष बढ़ रहा है। ठेकेदार की ओर से की जा रही इस मनमर्जी को रोकने के लिए ना तो एफसीआई गंभीर नजर आ रही है और ना ही प्रशासन किसानों को राहत देने के लिए सामने आ रहा है। अगर ऐसी स्थिति बनी रहे तो किसानों को एक बार फिर सड़क पर उतरना पड़ सकता है।