हीरानगर। भारत पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर तारबंदी के आगे खेती के लिए सुरक्षा देने के संबंध में मंगलवार को एक बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान बीएसएफ के अधिकारियों ने सुरक्षा का आश्वासन दिया। जिसके बाद किसान यहां खेती के लिए सहमत हो गए। बुधवार से खेती की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
दरअसल सोमवार को छन्न टांडा और चक चंगा के कुछ किसान कृषि विभाग के अधिकारियों की टीम के साथ तारबंदी के आगे खेती करने गए थे, लेकिन सुरक्षा की गारंटी न मिलने पर गुस्सा होकर वापस लौट आए थे। इसके बाद जिला प्रशासन ने बीएसएफ के अधिकारियों से संपर्क किया। मंगलवार को चांदमा पोस्ट पर बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें बीएसएफ के सीओ अतुल साही, मुख्य कृषि अधिकारी विजय उपाध्याय और किसान मौजूद रहे। किसानों ने अपनी मांग दोहराते हुए कहा कि जब तक सुरक्षा की गारंटी नहीं मिलती, तारबंदी के आगे खेती नहीं करेंगे। इस पर बीएसएफ के अधिकारी ने उन्हें आश्वासन देते हुए कहा कि खेती करने के लिए किसानों को पूरी सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। किसान बेखौफ होकर अपने खेतों में काम करें, उन्हें किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं होगी।
उनके आश्वासन के बाद किसान यहां खेती के लिए सहमत हो गए। इसी दौरान मुख्य कृषि अधिकारी ने भी किसानों को आश्वासन दिया कि यहां पहली बार खेती शुरू करने वाले किसानों को मुफ्त में गेहूं का बीज और खाद उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा किसानों के लिए जो भी सरकारी योजनाएं हैं इनका लाभ यहां खेती करने वाले किसानों को प्राथमिकता पर दिया जाएगा।