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धान खरीद मंडियों को बंद किए जाने पर जताया रोष

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बंद किए गए धान खरीद केंद्रों को दोबारा खोले जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करते किसान। संवाद - फोटो : KATHUA
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कठुआ। जिला में खोली गई मंडियों को बंद किए जाने के बाद धान उत्पादक किसानों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। शनिवार को दर्जनों किसानों ने डीसी कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन करते हुए बंद हुई मंडियों को दोबारा खोलने की मांग की।
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प्रदर्शनकारियों में शामिल तलोटी गांव के किसान अवतार सिंह ने कहा कि इस बार किसानों की सुविधा के नाम पर भले ही दस मंडियों को खोला गया था लेकिन उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के ही 30 नवंबर को ही बंद कर दिया गया। जबकि हर साल जिला में खुलने वाली मंडियों को दिसंबर माह के अंतिम सप्ताह तक चलाया जाता रहा है। अचानक बंद होने वाली मंडियों के कारण अभी भी हजारों किसानों को मंडियों का लाभ नहीं मिल पाया है। वहीं काफी संख्या में ऐसे किसान हैं जिनकी फसल अब भी मंडियों में ही खुले आसमान के नीचे पड़ी है। उन्होंने कहा कि अगर मंडियों को 30 नवंबर को ही बंद किया जाना था तो इसके लिए कम से कम 15 दिन पूर्व नोटिस जारी किया जाना चाहिए था। लेकिन ऐसा कुछ भी नही किया गया। जिसके कारण अब किसान अपनी फसल को लेकर दरबदर हो रहे है। वहीं अर्पण वर्मा ने किसानों की दुर्दशा के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि कभी मौसम और कभी सरकारी नीतियों के कारण किसान हमेशा से शोषित ही रहा है। जिसके कारण कड़ी मेहनत के बावजूद अभी तक उन्हें अपनी उपज का सही मूल्य नही मिल पाया है। जो थोड़ा बहुत राहत मंडियों के माध्यम से किसानों को मिल रही थी। वह मंडियों के बंद होने से रह गई है। वहीं अब तो किसानों से उनकी जीविका का साधन खेत भी वापस लिए जा रहे है। एक तरफ सरकार किसानों की आय को दोगुना करने के दावे कर रही है और सरकारी नीतियों से किसानों को ही खत्म करने पर उतारू हैं। उन्होंने कहा कि अगर मंडियों को जल्द दोबारा नही खोला गया तो आने वाले दिनों में पूरे जिले के किसान इसके खिलाफ लामबंद होंगे और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। प्रदर्शन में सुनील शर्मा, पवन कुमार, मदन लाल शर्मा, बुई लाल, तारा चंद आदि किसान शामिल रहे।
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