बसोहली। बसोहली के दूरदराज पहाड़ी दनना इलाके में स्थित एक स्कूल में करीब 40 विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए मात्र तीन ही शिक्षक उपलब्ध हैं, जबकि यहां करीब छह अध्यापकों के पद हैं। शिक्षा विभाग को दो और शिक्षकों की नियुक्ति करनी चाहिए।
ग्रामीणों का कहना है कि जब बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षक ही पूरे नहीं है, तो विद्यार्थियों की पढ़ाई कैसे पूरी होगी? पंचायत की सरपंच किरण बाला ने बताया कि स्कूल में शिक्षकों की कमी को लेकर कई बार शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। शिक्षकों की कमी की वजह से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि अध्यापक इन दूरदराज पहाड़ी इलाकों में आना पसंद नहीं करते और अपनी नियुक्ति दूसरे स्थानों पर करवा लेते हैं। वहीं, स्कूल में चहारदीवारी न होने से स्कूल पूरी तरह से असुरक्षित है। स्कूल में पानी तक की भी कोई सुविधा नहीं है। शिक्षा विभाग के खंड शिक्षा अधिकारी रामदास ने बताया कि इस संदर्भ में उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। पूरे जोन में कई स्कूल ऐसे हैं, जहां शिक्षकों की कमी चल रही है। हर महीने इसकी रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजी जाती है।