कठुआ। जिले में डेंगू खतरनाक होता जा रहा है। पिछले दस साल में जहां सरकारी आंकड़ों में डेंगू के अधिकतम मामले सौ के आसपास ही रहे हैं, वहीं इस साल डेंगू ने पिछले दस साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। शुक्रवार को जिले में डेंगू के 23 नए मामले सामने आने के साथ ही डेंगू का सरकारी आंकड़ा 154 पहुंच गया। जिले में सबसे अधिक प्रभावित गोविंदसर गांव तो वहीं दूसरा डेंगू से प्रभावित इलाका शहर का वार्ड छह है।
गोविंदसर गांव में अबतक 80 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं तो वहीं कठुआ शहर के वार्ड छह में सरकारी आंकड़ों में 25 से अधिक मामले हैं। अनाधिकारिक तौर पर इन दोनों ही जगह पर डेंगू ग्रस्त लोगों को आंकड़ा इससे कहीं अधिक है। इलाके में बुखार के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं तो वहीं मलेरिया विंग की ओर से दो से तीन बार तक करवाया गया एंटी लारवा स्प्रे भी असर करता दिखाई नहीं दे रहा है। नगर परिषद की ओर से करवाई जाने वाले फॉगिंग भी डेंगू के आगे बेअसर साबित हो रही है।
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ड्रिप सेट से लेकर पैरासिटामोल और इंजेक्शन तक नहीं उपलब्ध
जीएमसी में मरीज हो रहे परेशान
जन सेवा संस्था के अध्यक्ष शशि शर्मा, गोविंदसर वार्ड चार के पंच बंटी कुमार और स्थानीय रमेश कुमार ने बताया कि जीएमसी कठुआ में लोगों को केवल भर्ती किया जा रहा है। डेंगू वार्ड स्थापित किया गया लेकिन हालात कुछ और ही हैं। बताया कि जीएमसी कठुआ के सहायक अस्पताल में उपचार के नाम पर सिर्फ परामर्श ही उपलब्ध है। दवाओं की बात करें तो न तो फ्लूअड मिल रहा है और न ही ड्रिप सेट है। यहां तक कि डेंगू का उपचार करवाने के लिए अस्पताल में भर्ती लोग पैरासिटामोल और इंजेक्शन तक खुद से खरीदकर लगवा रहे हैं। गरीब लोगों के लिए कोई रास्ता नहीं है जबकि समृद्ध लोग यहां उपचार करवाने से बेहतर समझ रहे हैं कि मरीजों को पंजाब ले जाया जाए। उन्होंने कहा कि मामला जिला उपायुक्त से लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी के संज्ञान में भी लाया गया है लेकिन कोई भी हल नजर नहीं आ रहा है। उपराज्यपाल से मांग की गई है कि मामले का संज्ञान लिया जाए और लापरवाही बरतने वालों पर फौरी कार्रवाई की जाए।
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निदेशालय से स्थिति का जायजा लेने गोविंदसर पहुंची टीम
गोविंदसर गांव में दर्जनों डेंगू के मामले सामने आने के बाद शुक्रवार को निदेशालय की टीम पहुंची। निदेशालय से स्टेट मलेरियालाजिस्ट डा. नीता सिंह टीम सहित गोविंदसर गांव में पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। हालांकि वेक्टर की जांच के लिए सैंपल फिर भी नहीं लिए गए हैं लेकिन अधिकारियों को निर्देश जरूर दिए गए कि गोविंदसर में जागरूक करने का सिलसिला जारी रखा जाए। लोगों को साफ सफाई रखने और एहतियात बरतने को प्रेरित किया जाए। नियमित एंटी लारवा स्प्रे के लिए भी निर्देश दिए गए हैं।
जीएमसी में पांच दिनों तक मलेरिया जांच किट्स उपलब्ध न होने से रुकी जांच को लेकर पूछे सवाल में अधिकारी ने इसे असत्य बताया और कहा कि किट्स की कोई कमी नहीं है और जांच रिपोर्ट चौबीस घंटे के भीतर उपलब्ध होती है। उन्होंने कहा कि विभाग गंभीरता से काम कर रहा है। इस दौरान उनके साथ जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ समीना वजीर, जिला मलेरिया अधिकारी कुलवंत सिंह, बीएमओ परोल विवेक, मलेरिया विंग के इंस्पेक्टर लोकेश राज भी मौजूद रहे। वहीं दूसरी ओर मलेरिया विंग की टीमों ने शुक्रवार को गोविंदसर, वार्ड एक, शिवानगर के इलाकों में स्प्रे किया।