कठुआ। बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद अब जिले में डेंगू ने दस्तक दे दी है। बीते सितंबर माह में अब तक तीन मामलों की पुष्टि हो चुकी है। ऐसे में कोरोना महामारी से जूझ रहे स्वास्थ्य विभाग के सामने अब डेंगू से निपटना बड़ी चुनौती है।
मलेरिया अधिकारी कुलविंदर सिंह ने बताया है कि जिले में अब तक डेंगू के तीन मामलों की पुष्टि हुई है। डेंगू को लेकर विभाग पूरी तरह से अलर्ट है। अभी तक जहां-जहां भी डेंगू के मामले सामने आए हैं, विभाग उन सभी स्थानों में डेंगू के लार्वा को खत्म करने के लिए तीन स्टेज में दवा का छिड़काव कर चुका है। वहीं, उपचाराधीन मरीजों के स्वास्थ्य पर भी नजर रखी जा रही है। ताकि, किसी भी स्थिति में मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
उन्होंने बताया कि जिले में जहां-जहां भी विभाग की टीमों ने दौरा किया है, वहां लोगों को डेंगू के लक्षणों के बारे में विस्तार से जानकारी देकर ऐसी अवस्था आने पर तुरंत स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा उन्हें बताया गया है कि अपने घरों के आसपास किसी भी तरह के पानी को जमा न होने दें। सप्ताह में एक बार जल भंडारण टैंक, बर्तन, कूलर, गमलों, आदि की सफाई करने के साथ घरों में मच्छरों से बचाव के प्रबंध करने के लिए जागरूक किया गया है।
जिले में डेंगू के अब तक तीन मामले सामने आए हैं, जिनमें पहला मामला हीरानगर निवासी 50 वर्षीय व्यक्ति के रूप में 11 सितंबर को आया। जबकि, दूसरा मामला 20 सितंबर को बिलावर में आया है, जहां 24 वर्षीय युवक इसकी चपेट में आया। और, तीसरा मामला 24 सितंबर को हीरानगर क्षेत्र से आया है, जिसमें 51 वर्षीय व्यक्ति को डेंगू ने चपेट में ले लिया। स्वास्थ्य विभाग ने एलाइजा टेस्ट के बाद इन तीनों को डेंगू होने की पुष्टि की है।
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साल दर साल घट रहा डेंगू का आंकड़ा
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बीते कुछ सालों में आए डेंगू के मामलों पर अगर नजर डाली जाए, तो साल दर साल मामलों में कमी देखी गई है। वर्ष 2017 में कठुआ जिले में डेंगू के 80 मामले सामने आए थे। 2018 में इनकी गिनती 37 रह गई। इसी तरह वर्ष 2019 और वर्ष 2020 में डेंगू के मामलों की संख्या 10 और छह रही। महामारी में आई लगातार गिरावट जाहिर तौर पर लोगों का इसके प्रति जागरूक होना है।
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हर साल इन महीनों के दौरान डेंगू के मामलों में इजाफा होना सामने आता रहा है। इस बार जो भी मरीज डेंगू के कारण अस्पताल में आ रहे हैं, उनका उपचार किया जा रहा है। अगर मरीजों को भर्ती करने के की भी जरूरत पड़ती है, तो उसके भी इंतजाम कर लिए जाएंगे।
- डॉ. चित्रा वैष्णवी, अधीक्षक एसोसिएट अस्पताल, जीएमसी कठुआ