कठुआ। जिले में धान की कटाई का काम पूरा हो जाने के बाद अब किसानों ने गेहूं की बुआई की तैयारियां शुरू कर दी है। लेकिन डीएपी खाद बाजार में न होने से किसानों की चिंता एक बार फिर बढ़ गई है। किसानों की माने तो गेहूं की बुआई के लिए डीएपी खाद पर किसानों की खेती है। खाद समय पर उपलब्ध न होने पर रबी फसल की बुआई पर संकट खड़ा हो सकता है।
जिला में करीब 48 हजार हेक्टेयर पर लगने वाली गेहूं की फसल के लिए किसानों ने अब खाद और बीज के लिए जद्दोजहद शुरू कर दी है। सबसे ज्यादा कंडी क्षेत्र के किसानों में फसल लगाने को लेकर उतावलापन देखा जा रहा है। क्योंकि इस इलाके में गत दिनों हुई बारिश के बाद से ही किसानों ने नमी का फायदा उठाने के लिए बुआई शुरू कर दी है। लेकिन बाजार में डीएपी न होने उन्हें परेशान कर रहा है।
किसानों की परेशानी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि शुक्रवार को कोआपरेटिव मार्केटिंग सोसायटी में डीएपी लेने पहुंचे किसानों को जब सोसायटी के स्टोर पर ताला लगा मिला, तो उनका गुस्सा भड़क गया। इस दौरान दर्जनों किसानों ने सोसायटी पर डीएपी की कालाबाजारी को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी।
प्रदर्शनकारी किसानों का नेतृत्व कर रहे युवा किसान नेता विशु अंदोत्रा ने कहा कि कोआपरेटिव मार्केटिंग सोसायटी के स्टोर में डीएपी होने के बावजूद किसानों को नहीं दी जा रही है। यह डीएपी की कालाबाजारी करने का प्रयास है। इसे वह कतई नहीं होने देंगे। किसानों के बढ़ते दबाव को देखते हुए मौके पर पहुंचे कोआपरेटिव मार्केटिंग सोसायटी के कर्मचारियों ने किसानों को बताया कि स्टोर में जो भी डीएपी है, वह कृषि विज्ञान केंद्र और बागवानी विभाग के लिए रखी गई है। किसानों को नई सप्लाई आने के बाद खाद उपलब्ध कराई जाएगी। लेकिन किसान नहीं मानें। इसके बाद उन्हें मजबूरन स्टोर में रखी डीएपी वितरित करनी पड़ी।
किसानों का कहना था कि स्टोर में रखी गई डीएपी से कुछ किसानों को लाभ मिल पाया है। अभी भी हजारों किसानों को अपनी फसल लगाने के लिए डीएपी की दरकार है। लिहाजा प्रशासन किसानों को उनकी फसल लगाने के लिए जल्द से जल्द डीएपी उपलब्ध कराए।
एक-दो दिनों में दूर हो जाएगा डीएपी का संकट
इस संबंध में जिला के मुख्य कृषि अधिकारी विजय कुमार उपाध्याय का कहना है कि पीछे से सप्लाई न आने के कारण कुछ किसानों को परेशानी हुई है। लेकिन इस बारे में त्वरित संज्ञान लिया गया है। आने वाले एक दो दिनों के भीतर ही पूरे जिला में डीएपी का संकट पूरी तरह से समाप्त होगा।