गुरु पूर्णिमा पर विभिन्न जगहों पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। महामारी के चलते हालांकि इन स्थानों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ तो नहीं देखने को मिली, लेकिन दिन भर चले कार्यक्रमों के दौरान रौनक बनी रही।
शहर के भगवती नगर में पूर्व वनमंत्री राजीव जसरोटिया द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान स्वामी श्री राम स्वरूप योगाचार्य महाराज देखरेख में वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच हवन किया गया।
उन्होंने प्रवचन करते हुए उपस्थित श्रद्धालुओं को अपने जीवन में सुख की अनुभूति करने के लिए वेदों के निकट आने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि भौतिकवादी युग में हम वेदों से मिले ज्ञान को अपनाकर अपने जीवन को संपूर्ण कर सकते है।
उन्होंने कहा कि वेद हमारे जीवन का आधार है, इसके बिना हमारा कभी भी अध्यात्मिक विकास नहीं हो सकता है। क्योंकि यह परमपिता परमेश्वर की दिव्यवाणी है। इससे हम जान सकते हैं कि ईश्वर की मानव से क्या अपेक्षा है। स्वामी राम स्वरूप महाराज जी ने कहा कि जिसने भगवान को स्वीकार कर लिया, उसने सब कुछ पा लिया।
पूर्व वनमंत्री राजीव जसरोटिया ने बताया कि उनका लक्ष्य क्षेत्र का भौतिक और अध्यात्मिक विकास कराना है। हमारे जीवन का आधार ही अध्यात्मिक है, इसलिए हर व्यक्ति में भौतिक से पहले इसका ज्ञान होना जरूरी है। इसी क्रम में शहर के शिवानगर स्थित अद्यैत स्वरूप आश्रम में कार्यक्रम का आयोजित किया गया गया। इस मौके पर आश्रम संचालिका ज्योत्सनानंद बाई जी और अनुराग शरणानंद जी की अगुवाई में सत्संग और प्रवचन हुआ।