हीरानगर। रसाना मामले की जांच सीबीआई को न सौंपने पर हिंदू एकता मंच का वीरवार को फर गुस्सा फूट पड़ा। मंच ने कूटा मोड़ में हाईवे पर सरकार का पुतला जला कर मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। मंच के पदाधिकारियों ने क्राइम ब्रांच पर निर्दोष लोगों को फंसाने का आरोप भी लगाया।
मंच के उपाध्यक्ष कांत कुमार ने कहा कि लोग मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांग को पूरा करने की बजाय लोगों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। लोगों ने शांति मार्च निकाला तो पुलिस लाठियां चला कर चुप कराने का प्रयास किया। क्षेत्र में धारा 144 लगा कर लोगों को डराने की कोशिश की गई। अफसोस की बात है कि भाजपा ने भी मंच का साथ नहीं दिया।
कांग्रेस अध्यक्ष जीएम मीर व भाजपा के मंत्री चौधरी लाल सिंह ने मंच का सहयोग किया। यदि सरकार की मंशा बिना पक्षपात के जांच करवाने की होती तो मामला सीबीआई को सौंपा जाना चाहिए था। पता नहीं क्यों सरकार ऐसा नहीं कर रही। इससे जाहिर होता है कि सरकार की नीयत में खोट है। उप मुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने चल रही जांच को सही बता कर लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ किया है। इससे लोगों में रोष है। इसीलिए लोगों ने उनके खिलाफ भी मुर्दाबाद के नारे लगाए हैं। हमारी मांग को पूरा करने का काम कांग्रेस का नही हैं, लेकिन दुख की बात यह है कि उन्होंने विपक्ष का फर्ज भी नहीं निभाया। हमें क्राइम ब्रांच की जांच पर भरोसा नहीं है।
उन्होंने कहा कि ऐसा कहा जा रहा है, लोग इस मसले को धार्मिक रंग दे रहे हैं, जबकि ऐसी मंशा किसी की नहीं है। इस क्षेत्र में इस तरह के हालात न पहले कभी बने, न अब बनने देंगे। समझ में नहीं आ रहा है कि ब्रांच किस दिशा में काम कर रही है। मंच की एक ही मांग है सीबीआई जांच और इस पर हम अडे़ रहेंगे। इसके लिए कोर्ट जाना पड़ा तो वहां भी याचिका दायर की जाएगी। मंच के पीछे सियासी दलों के होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मंच किसी राजनीति दल का नहीं है। यह आम लोगों का मंच है। प्रदर्शन में पूर्व सरपंच जोगेश सिंह, पूर्व सरपंच भारत भूषण, रोमी शर्मा, रोशन शर्मा, अमन शर्मा आदि कई लोग शामिल थे। प्रदर्शन के कारण हाईवे पर जाम न लगे, इसके लिए पुलिस ने ट्रैफिक को वन वे कर दिया।