कठुआ। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए जिले में प्रशासन की ओर से किए जा रहे इंतजामों में एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। औरों को नसीहत खुद मियां फजीहत की कहावत को चरितार्थ करते हुए प्रशासन ने जहां मास्क न पहनने पर लोगों से जुर्माना वसूलना शुरू कर दिया है, वहीं संक्रमित पाए जाने के बाद व्यवस्था के नाम पर संक्रमितों के लिए कुछ भी नहीं हो रहा है। न तो दूसरी लहर की तरह लोगों को घर पर दवाएं मुहैया करवाई जा रही हैं और न ही राशन।
हैरानी इस बात की है कि जिले से पांच सौ के लगभग मामले आने के बावजूद अभी तक नगर परिषद की ओर से सैनिटाइजेशन की प्रक्रिया शुरू भी नहीं की गई है। एसओपी के अनुसार संक्रमितों के घर और आसपास के इलाके को तुरंत सैनिटाइज करवाया जाना चाहिए। लेकिन ग्रामीण इलाके तो दूर शहर में भी किसी इलाके में ऐसा होता नजर नहीं आया है।
जिले में अबतक आधा दर्जन के लगभग माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित किए जा चुके हैं। लेकिन न तो कहीं तारबंदी की गई है और न ही पुलिस का पहरा। इस लापरवाही के चलते जिला में संक्रमण की रफ्तार इतनी तेज है कि 15 दिन के भीतर ही पांच सौ से भी ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं।
फर्ज पूरी तरह निभाने का दावा जमीनी स्तर पर हवाई
साफ शब्दों में कहा जाए तो टारगेट को पूरा करने के लिए पुलिस जगह-जगह चालान करती है, वहीं प्रशासन भी कागजी कार्रवाई में एसओपी को निपटाने में लगा हुआ है। नगर परिषद की ओर से भी दावा किया गया था कि शहर में संक्रमण को रोकने के लिए वे अपना फर्ज पूरी तरह से निभाएंगे। लेकिन ऐसा कहीं भी नजर नहीं आ रहा है। नगर परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिलीप अबरोल ने बताया कि सोमवार को टीम को बुलाया गया है। इसके बाद माइक्रो कंटेनमेंट जोन में सैनिटाइजेशन शुरू कर दी जाएगी। कहा कि जहां से लोगों की ओर से जानकारी दी जा रही, वहां सैनिटाइजेशन करवाई जा रही है।