कठुआ। बांजल, कछीड़ समेत आसपास के लोगों ने जोडेयां माता दर्शन के लिए पहुंची बनी डीडीसी सदस्य रीता देवी के सामने आक्रोश जताते हुए प्रदर्शन किया। लोगों ने कहा कि वह कई किमी सड़क संपर्क से दूर हैं और मूलभूत सुविधाओं से वंचित इलाके की अनदेखी का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि यदि जल्द उनकी सड़क की मांग को पूरा नहीं की गई तो किसी भी नुमाइंदे को गांव में आने की इजाजत नहीं देंगे। वहीं डीडीसी सदस्य ने आश्वस्त किया है कि क्षेत्र की मांग को देखते हुए जिला अधिकारियों के साथ जल्द जनता दरबार लगाया जाएगा, ताकि लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए जल्द कदम उठाए जा सकें।
ग्रामीणों में शामिल बिट्टू राम, मुंशी राम, भुट्टू राम, गोविंद सिंह, जोगिंद्र सिंह, मुकेश कुमार आदि ने बताया कि बनी की 29 पंचायतें इस साल के अंत तक सड़क संपर्क से जुड़ जाएंगी, लेकिन विडंबना है कि उनके इलाके के लिए कोई भी प्रयास नहीं किया गया है। कहा कि एक ओर देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है तो दूसरी ओर बनी सब डिवीजन की बांजल पंचायत के लोग अपनी किस्मत को कोस रहे हैं। मूलभूत सुविधाओं से लगभग दो हजार की आबादी वाली पंचायत के लोग सरकार से गुहार लगाते परेशान हो गए हैं। ग्रामीणों ने कहा कि किसी भी क्षेत्र की तरक्की का रास्ता वहां की सड़क से शुरू होता है। लेकिन हालात यह हैं कि देश की आजादी के 75वें वर्ष में भी यह इलाका सड़क से वंचित है।
बताया कि तीन वर्ष पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के बनी दौरे के दौरान भी सड़क से संबंधित ज्ञापन दिया गया था, लेकिन आज तक डीपीआर तैयार नहीं हुआ है। चला तक सड़क बनाई गई, लेकिन बांजल से जोड़ने के नाम पर अधिकारियों के पास कोई जवाब नहीं है। बताया कि कोट गांव से कछीड़ के लिए लोक निर्माण विभाग ने आठ साल पहले सड़क का निर्माण शुरू करवाया। लेकिन सात सौ मीटर तक सड़क की कटाई कर काम को वहीं छोड़ दिया गया। जवाब मिलता है कि फंड ही उपलब्ध नहीं है। ऐसे ही था तो आखिर काम शुरू कर लाखों रुपये क्यों बर्बाद किए गए। इसकी उच्च स्तरीय जांच करवाई जानी चाहिए। डीडीसी सदस्य ने कहा कि लोगों की मांग जायज है, चूंकि सड़क के बिना क्षेत्र के विकास की ज्यादा उम्मीद नहीं की जा सकती है। हर संभव प्रयास किया जाएगा कि इलाके को जल्द सड़क संपर्क से जोड़ा जा सके।