अपने खेत में उगाई पर्पल और पीली गोभी दिखाते सोनू सिंह, संवाद
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कठुआ। जिले में जैविक खेती से तैयार बायोफोर्टिफाइड गोभी की मांग दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। जैविक खेती के लिए पिछले कुछ ही वर्षों में अपनी अलग पहचान बनाने वाले किसान सोनू सिंह ने इस बार एक और प्रायोगिक खेती से लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। बीते साल प्रायोगिक तौर पर चाइनीज पत्तागोभी के बाद सोनू सिंह ने इस साल बैंगनी और पीले रंग की फूल गोभी की खेती किया, जिसके अब बेहतरीन नतीजे सामने आने लगे हैं। हाथों हाथ ही खेत से जहां यह गोभी बिकती जा रही है, वहीं उनकी प्रेरणा से कई और किसान भी इस गोभी की खेती को अपनाने का मन बना चुके हैं। खास बात यह है कि आम गोभी के मुकाबले दाम अधिक और मुनाफा भी ज्यादा मिल रहा है।
सोनू सिंह ने यह प्रयास बिना किसी सरकारी मदद के किया है। बताया कि विशेषज्ञों से ली गई जानकारी के अनुसार यह गोभी दिखने में तो रंग बिरंगी होती है, लेकिन पोषक तत्वों से भरपूर है। जो इम्यूनिटी बढ़ाने में भी मददगार साबित होती हैं। इसके साथ ही इसका रंग इसके आकर्षण की वजह बनता है, जिससे दाम भी अच्छा मिलता है। ये बायोफोर्टीफाइड गोभियां हैं यानि इनमें कुछ तत्व ऐसे हैं, जो साधारण गोभियों की तुलना में कई गुना ज्यादा हैं। भरपूर पीले रंग की गोभी में कैरोटीन भरा होता है। बैंगनी कलर की गोभी में जैन्थोसायनिन भरा होता है। हर उम्र के लोगों के लिए यह बेहद फायदेमंद होता है।
शहर के वार्ड छह निवासी सोनू सिंह जराई कीड़ियां गंडियाल मार्ग के नजदीक अपने खेतों में कृषि को लेकर नए नए प्रयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि चार वर्ष पूर्व उन्होंने दो कनाल जमीन पर जैविक खेती से इसकी शुरूआत की थी और आज के समय में दस से 12 कनाल जमीन पर खेती कर रहे हैं। लोगों का रुझान जैविक खेती की ओर इतना अधिक है कि सब्जियां हाथों हाथ और खेतों से ही बिक जाती हैं।
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