औद्योगिक क्षेत्र में एंटी लारवा दवा का छिड़काव करती मलेरिया विंग की टीम। संवाद
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कठुआ। बीते वर्ष शहर व आसपास के गांवों में बढ़े डेंगू के मामलों से सबक लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता जारी है। शनिवार को जिला स्वास्थ्य विभाग के मलेरिया विंग की टीमों ने औद्योगिक क्षेत्र के मरोली इलाके में एंटी लारवा दवा के छिड़काव के दूसरे दौर को शुरू करवाया। विदित रहे कि गत वर्ष कठुआ मुख्यालय के निकटवर्ती गोविंदसर गांव में डेंगू के डेढ़ सौ से अधिक मामले सामने आए थे। ऐसे में इस बार डेंगू को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।
जिला के मुख्य चिकित्सा अधिकारी राकेश मगोत्रा के निर्देश पर मलेरिया विंग के कर्मचारियों ने नालियों गलियों और सार्वजनिक स्थलों के साथ तालाबों से लेकर मच्छरों के पनपने के हर संभावित स्थान पर एंटी लारवा का छिड़काव किया। मलेरिया विंग के जिला मलेरिया अधिकारी कुलविंदर सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम ने स्थानीय लोगों के साथ संपर्क कर उन्हें अपने घरों के आसपास किसी भी तरह का जलभराव न होने देने के लिए सहयोग मांगा। ताकि गर्मी के मौसम में मच्छरों के काटने से होने वाले संक्रामक रोगों से लोगों बचाया जा सके।
वहीं इस मौके पर मलेरिया विभाग के इंस्पेक्टर लोकेश राज ने बताया कि गत वर्ष जिला में डेंगू के प्रकोप से बने हालात को देखते हुए इस बार विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जिसमें दवा का छिड़काव करने के साथ लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि तीन फेस में चलने वाले इस अभियान को मार्च महीने से शुरू किया गया था। जिसमें दवा का छिड़काव करने के साथ जिला के करीब 216 चिह्नित तालाबों में मच्छरों के लारवा को खाने वाली गम्बूसिया प्रजाति मछलियों को भी डाला गया था।