जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट
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जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट के न्यायाधीश अली मोहम्मद माग्रे ने वीरवार को श्रीनगर में जेएंडके न्यायिक अकादमी में ई-कोर्ट सेवाओं के लिए एडवोकेट मास्टर ट्रेनरों के चौथे चरण के प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया। न्यायाधीश माग्रे ने कहा कि ई-कोर्ट सेवाओं का बेहतर प्रयोग होना चाहिए ताकि तीव्र न्याय वितरण प्रणाली सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने कहा कि न्यायपालिका में नई तकनीकों का प्रयोग किया जा रहा है, ताकि लोग अदालतों के चक्कर काटने के बजाय ई-कोर्ट सेवाओं का लाभ उठाकर न्याय हासिल करें। उन्होंने वकीलों से कहा कि वह प्रशिक्षण का पूरा लाभ उठाएं और याचिकाकर्ताओं को भी राहत प्रदान करने का काम करें।
उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया में वकीलों की भूमिका काफी अहम रहती है। इसलिए कोशिश की जा रही है कि ई-कोर्ट की कार्यशैली के बारे में वकीलों को जरूरी प्रशिक्षण मिले ताकि तय लक्ष्यों को पूरा किया जा सके और लंबित मामलों को निपटाने में भी तीव्रता लाई जाए। माग्रे ने कहा कि ई-कोर्ट की सेवाएं न केवल पेपरलेस हैं बल्कि पारदर्शी, किफायती और लोगों को तेज गति से न्याय दिलाने वाली भी है।
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इस अवसर पर जिला और सत्र न्यायाधीश श्रीनगर मोहम्मद अकरम चौधरी ने स्वागती भाषण दिया। न्यायिक अकादमी के निदेशक संजय परिहार ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया। इस दौरान ई-कोर्ट परियोजना के सीपीसी अनूप कुमार शर्मा के अलावा जेएंडके लीगल सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव एमके शर्मा, वरिष्ठ जिला न्यायाधीश बाला ज्योति आदि भी मौजूद रहे।