खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशक नसीम जावेद चौधरी ने उधमपुर, रामबन, किश्तवाड़ और डोडा जिले का दौरा किया। उधमपुर में शालीमार आटा मील के आटे की गुणवत्ता सही न होने और माप में कम होने पर आवंटन रोकने को निर्देशित किया है। इसके अलावा शीतकालीन इलाकों में समय पर राशन भेजने को कहा। किश्तवाड की बोंजवाह तहसील में डिपो के निरीक्षण के दौरान कुछ लोगों ने बताया कि एक महीने तक उन्हें राशन नहीं बांटा गया है।
सेल्समैन ने उक्त बैठक में स्वीकार कर लिया कि सार्वजनिक उद्देश्य के लिए चीनी स्टोर में पड़ी है और आज तक उनके द्वारा नहीं दी गई गई है। उपरोक्त तथ्यों के आधार पर राशन वितरक दलजीत सिंह को खाद्यान्न के दुरुपयोग और गैर वितरण पर निलंबित कर दिया। साथ ही विभागीय स्कीमों की समीक्षा की। इस दौरान निदेशक लोगों से भी रूबरू हुए और समस्याओं को सुना। इस मौके पर उपनिदेशक जावेद इकबाल राथर और सहायक निदेशक मौजूद रहे।
उन्होंने उधमपुर में आटा मीलों शालीमार आटा मिल, त्रिकुटा आटा मिल और आरसी आटा मिल की चेकिंग की। शालीमार आटा मिल को गेहूं के आवंटन को रोकने के लिए मौके पर निर्देश दिया। आटा की गुणवत्ता सही नहीं थी। इस दौरान आटा बैग भी कम बजन के पाए गए। रामबन में डीडीसी अध्यक्ष रामबन और जिला विकास आयुक्त के साथ विभाग के कामकाज के संबंध में जन शिकायतों और खाद्यान्न वितरण के संबंध में बातचीत की गई।
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निदेशक ने उखराल और बनिहाल में खाद्य भंडारों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने तीन महीनों के लिए खाद्यान्नों की शीतकालीन डंपिंग के संबंध में स्थानीय लोगों और पीआरआई के साथ बातचीत की। माछिल से सड़क संपर्क के नवीनीकरण और खाद्यान्न की डोर स्टेप डिलीवरी के संबंध में निविदा को अंतिम रूप देने को कहा।