नियंत्रण रेखा पर युद्ध विराम के जरिये अपनी छवि सुधारने में जुटा पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को हर कीमत पर जिंदा रखना चाहता है। अनुच्छेद 370 व 35 ए हटने के बाद बदली परिस्थितियों और सुरक्षाबलों की सख्त कार्रवाई के कारण स्थानीय युवाओं का आतंकवाद से मोह भंग हो रहा है। यही कारण है कि आतंकी तंजीमों में स्थानीय युवाओं की भर्ती घटी है।
इसके बावजूद पाकिस्तान हर कीमत पर आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए अब अपने नागरिकों को आतंकी बना कर भेज रहा है। नरकोट में सोमवार को मारे गए दो आतंकियों में एक की शिनाख्त पाकिस्तानी नागरिक मोहम्मद अफजल के रूप में हुई है। सेना द्वारा नरकोट में सोमवार को मारे गए आतंकियों में एक के पास से पाकिस्तान का राष्ट्रीय पहचान पत्र मिला है। इसमें उसकी पहचान मोहम्मद अकरम निवासी पाकिस्तान दर्ज है।
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इसके साथ ही उसके पास से 13370 रुपये की पाकिस्तानी मुद्रा भी मिली है। जिसमें हजार, पांच सौ व सौ-सौ के नोट शामिल हैं। इसके अलावा पाकिस्तान स्थित दुकान का एक विजटिंग कार्ड भी मिला है। सूत्र बताते हैं कि पिछले कुछ समय से कश्मीर में सुरक्षाबलों से मुठभेड़ के दौरान कई आतंकियों ने जिस प्रकार आत्मसमर्पण किया है उससे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई काफी चिंतित है और अब वह अपने नागरिकों को आतंकी बनाकर भेजने में जुटी है।