जम्मू-कश्मीर में स्कूल छोड़ चुके बच्चों को दक्ष बनाया जाएगा। समग्र शिक्षा ऐसे युवाओं को विभिन्न व्यावसायिक प्रशिक्षण देगा। इसके लिए प्रदेश में स्किल हब पहल की शुरूआत की है। 40 स्कूलों को कौशल हब के रूप में नामित किया गया है। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में अभी 9 सरकारी स्कूलों में स्किल हब पहल को शुरू किया गया है। शिक्षा मंत्रालय और कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय को संयुक्त तत्वाधान में इसे शुरू किया गया है।
यह प्रधानमंत्री कुशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) 3.0 का हिस्सा है, जो देश में एक जनवरी से शुरू हुआ है। इसका उद्देश्य स्कूल छोड़ चुके बच्चों के लिए एनएसडीसी प्रमाणित कौशल पाठ्यक्रम प्रदान करना और उन्हें प्लेसमेंट के साथ-साथ स्व-उद्यमिता के लिए तैयार करना है। परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा दीप राज ने कहा कि इस पहल के लिए 40 स्कूलों को नामित किया है और शुरूआत नौ स्कूलों से की है।
नव वर्ष में सभी स्कूलों में एक साथ प्रशिक्षण शुरू किया गया है। योजना के लाभ का क्षेत्र अधिक हो इसके लिए नामांकन अभियान भी चलाए जाएंगे। प्रदेश में 27 हजार से अधिक बच्चों ने छह साल में स्कूल छोड़ दिया है। इस कार्यक्रम का संचालन व्यावसायिक शिक्षा, समग्र शिक्षा के अधिकारी जोगिंदर सम्याल और डॉ. रविंदर जंगराल है।
यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर में कोरोना: श्री माता वैष्णो देवी यूनिवर्सिटी के 14 छात्र संक्रमित, बंद हुआ यूनिवर्सिटी परिसर
इन स्कूलों में शुरू हुआ स्किल हब
स्किल हब के रूप में नामित किया गए स्कूलों में गर्वनमेंट बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल रियासी, गर्वनमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल मंजगाम, गर्वनमेंट बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल बिजबिहाड़ा, गर्वनमेंट बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल पुंछ, गर्वनमेंट बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल जवाहर नगर, गर्वमेंट गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल किश्तवाड़, गर्वनमेंट बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल पंपोर, गर्वनमेंट बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल चरार-ए-शरीफ और गर्वनमेंट गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल एसआरएमएल परेड शामिल हैं।