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Amarnath Yatra 2022: सैलाब आने पर यात्रियों ने पहाड़ पर चढ़कर बचाई जान, मौके पर करीब पांच हजार यात्री थे मौजूद

Fri, 08 Jul 2022 10:31 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर

सार

अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने से 15 श्रद्धालुओं की मौत हो गई है, जबकि करीब 40 लोग लापता हो गए हैं। यात्रा को फिलहाल रोक दिया गया है। हालात को देखते हुए रेस्क्यू दल रात को बर्फीले पानी और अत्यधिक ठंड के बावजूद राहत एवं बचाव कार्य जारी रखेंगे।
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अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने के बाद बचाव दल - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने के बाद पहाड़ से आया सैलाब श्रद्धालुओं के लिए लगाए गए तीन लंगरों समेत करीब 40 टेंट बहा ले गया। सैलाब गुफा के सामने श्रद्धालुओं के लिए बनाए गए टेंटों के बीचों-बीच निकला। सेना, एनडीआरएफ व एसडीआरएफ समेत आपदा प्रबंधन से जुड़ीं कई टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। बाढ़ की चपेट में आए शिविर के टेंटों से निकालकर लोगों को फौरन पहाड़ की ढलान तक सुरक्षित पहुंचाया गया। कई लोगों को बचाया गया है।

घायलों को एयरलिफ्ट किया जा रहा

घायलों को एयरलिफ्ट किया जा रहा है। हादसे के समय गुफा के पास करीब पांच हजार लोग मौजूद थे। यात्रा को फिलहाल रोक दिया गया है। हालात को देखते हुए रेस्क्यू दल रात को बर्फीले पानी और अत्यधिक ठंड के बावजूद राहत एवं बचाव कार्य जारी रखेंगे। अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने से 15 श्रद्धालुओं की मौत हो गई है, जबकि करीब 40 लोग लापता हो गए हैं। 

एक टेंट में चार से छह लोगों के ठहरने की व्यवस्था

एक अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार शाम 5.30 बजे अमरनाथ गुफा से करीब दो किलोमीटर की दूरी पर बादल फटा। इससे गुफा के सामने से बहने वाले नाले में आई बाढ़ ने तबाही मचा दी। पवित्र गुफा के ठीक सामने यात्रियों के लिए टेंट सिटी (यात्री शिविर) बनाई गई है। यहां एक टेंट में चार से छह लोगों के ठहरने की व्यवस्था है। तेज बहाव में आया पानी दर्जनों टेंटों को साथ बहा ले गया। हादसे के समय बारिश हो रही थी और ज्यादातर यात्री टेंट के भीतर थे।

तीन लंगर और 40 के करीब टेंट बह गए

बाढ़ के साथ तीन लंगर और 40 के करीब टेंट बह गए। यात्रियों में भगदड़ के साथ चीख-पुकार मच गई। आपदा प्रबंधन दलों ने यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया। बाढ़ से बचने के लिए यात्री टेंट छोड़ पहाड़ की ढलान पर चढ़ गए। पुलिस के अनुसार तमाम एजेंसियां रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हैं। घायलों को एयरलिफ्ट किया जा रहा है। एनडीआरएफ के एक अधिकारी ने बताया कि रेस्क्यू दल ने अभी तक 15 शव निकाल लिए हैं। इनमें से ज्यादातर अमरनाथ यात्री हैं। घायलों को एयरलिफ्ट किया गया है।

रात को भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

लापता लोगों की संख्या काफी है, जिसके चलते अंधेरा होने के बावजूद रात को भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहेगा। वहीं, यात्रा मार्ग भी कई जगहों पर बह गया है। ऐसे में फंसे हुए यात्रियों को अलग-अलग रेस्क्यू दल सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर रही हैं। एनडीआरएफ के महानिदेशक अतुल करवाल के अनुसार एनडीआरएफ की एक टीम पवित्र गुफा के पास तैनात थी, जो रेस्क्यू में जुट गई है। दूसरी टीम भी मौके पर पहुंच गई है जबकि तीसरी टीम भी रवाना कर दी गई है।

एलजी ने पीएम और गृह मंत्री से की बात

उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने अमरनाथ हादसे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को ताजा स्थिति से अवगत करवाया है। एलजी ने कहा - मैने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से बात की है। उन्होंने हर संभव मदद का देने का आश्वासन दिया है। एलजी ने कहा कि हमारी प्राथमिकता लोगों की जान बचाना है। यात्रियों को सहायता में कमी नहीं होने दी जाएगी।

अमरनाथ हादसे बेहद दुखद घटना है। मृतकों के परिवार के प्रति संवेदनाएं प्रकट करता हूं। एलजी मनोज सिन्हा जी से बचाव अभियान से जुड़ी जानकारी ली है। हादसे के प्रभावितों को हर संभव सहायता दी जाएगी।

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- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

 

बाबा अमरनाथ जी की गुफा के पास बादल फटने से आई बाढ़ के संबंध में एलजी से स्थिति की जानकारी ली है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, बीएसएफ और स्थानीय प्रशासन बचाव कार्य में लगे हैं। लोगों की जान बचाना प्राथमिकता है। सभी श्रद्धालुओं की कुशलता की कामना करता हूं।

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- अमित शाह, गृह मंत्री

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