बिना नाम लिखे मूल निवास प्रमाण पत्र
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राजस्थान में तहसीलदार और पटवारियों की हड़ताल का असर कामकाज पर नजर आने लगा है। ई—मित्र से गंभीर खामियों वाले मूल निवास एवं जाति प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे है। ऐसा नमूना बुधवार को अजमेर में सामने आया। यहां बिना नाम और पते के मूल निवास प्रमाण—पत्र जारी कर दिया।
राजस्थान में विभिन्न मांगों को लेकर पटवारी और तहसीलदार करीब एक सप्ताह से हड़ताल पर है। लोगों की परेशानी को देखते हुए अजमेर जिला कलक्टर ने मंगलवार को ई—मित्र संचालकों को जाति एवं मूल निवास प्रमाण—पत्र जारी करने के निर्देश दिए। इसके बाद ई—मित्र संचालकों ने ये प्रमाण—पत्र जारी करना शुरू कर दिया। इस पर तहसीलदार के हस्ताक्षर की डिजिटल रुप में होते है, इसलिए इन्हें जारी करने की कार्रवाई शुरु कर दी।
ऐसे में बुधवार को जारी हुए प्रमाण—पत्रों में कई गंभीर खामियां नजर आई। इससे छात्रों की परेशानियां और ज्यादा बढ़ गई। दरअसल इन प्रमाण—पत्रों में किसी का नाम अधूरा है तो किसी का पता गायब है। किसी में फोटो नहीं और कहीं फोटो है तो नाम नही। इन प्रमाण—पत्रों को लेने से स्कूलों ने भी इनकार कर दिया। ई—मित्र संचालक भी गलतियां सुधारने को लेकर हाथ खड़े कर रहे है।