राजस्थान में सरकारी डॉक्टरों से उनकी जाति पूछी जा रही है। मंगलवार को जारी इस आदेश को लेकर चिकित्सा विभाग में खासी चर्चा है। सभी डॉक्टर अपने-अपने नजरिये से आदेश की व्याख्या कर रहे हैं।
निदेशालय, चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सेवाएं की ओर से मंगलवार को एक आदेश के द्वारा राजस्थान के चार जिलों बीकानेर, जोधपुर, बाड़मेर और नागौर में कार्यरत मुख्य चिकित्सा अधिकारी, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी, आरसीएचओ, खंड स्तर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं प्रभारी सामुदायिक केंद्र तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से उनका नाम, जाति और वे वहां कब से कार्यरत है, आदि की जानकारी ईमेल से मांगी गई है।
कई अधिकारी इसे आगामी विधानसभा चुनाव से जोड़कर देख रहे है। उनका मानना है कि राजनीतिक हितों के चलते सरकार जातिगत समीकरणों के आधार पर पदस्थापना करती है। उधर, चिकित्सा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की सूचनाएं जुटाना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है।