विवाद निपटारे के बाद एक-दूसरे से मिलते लोग
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पिता का साया सिर से उठ गया तो मां ने दूसरी शादी रचा ली। दादी ने उसे पोती का हक देने से इनकार कर दिया। इसके बाद उसने अदालत का दरवाजा खटखटाया। तब जाकर आज राजस्व लोक अदालत में उसे ट्रिपल खुशी मिल गई।
कहानी अजमेर जिले में सावर तहसील के नापाखेड़ा गांव से शुरू हुई। गांव के स्वर्गीय देवराज मीणा की बेटी पूजा ने उपखण्ड न्यायालय में वाद दायर किया कि उसे उसकी पैतृक जमीन का हक दिलाया जाए। पूजा का कहना है कि उसकी मां सीमा ने करीब 15 साल पहले उसके पिता देवराज को छोड़कर भीलवाड़ा के जालमपुरा में रहने वाले केसरलाल फेडवा से ब्याह रचा लिया। इसके कुछ समय बाद पूजा के पिता देवराज की भी मौत हो गई।
ऐसे हालात में पूजा के चाचा खेमराज और दादी गलकू देवी ने उसे अपना मानने से इनकार कर दिया। इसी दौरान उसकी मां सीमा उसे जालमपुरा ले गई। पूजा ने वहीं पढ़ाई की और उसका ब्याह भी हो गया।