सरकार भले ही सरकारी स्कूलों में सुविधाएं मुहैया कराने के दावे करती हो, लेकिन हकीकत इसके उलट है। हमारी पड़ताल में ऐसा स्कूल सामने आया है जहां पीने का पानी भी नहीं है। जिसके चलते यहां पढ़ने वाले बच्चों को ही पैसा एकत्रित कर पेयजल की व्यवस्था करनी पड़ती है।
दरअसल, ये सरकारी स्कूल है राजस्थान के अलवर जिले में। यहां किशनगढ़ बास उपखण्ड स्थित ग्राम रायपुर मेवान के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में पिछले करीब 10 माह से पीने के पानी की भारी समस्या बनी हुई है। हालात ये हैं कि कभी कोई बच्चा तो कभी कोई यहां अपने घर से पीने के पानी का टेंकर डलवाने के लिए पैसा इकट्ठा करके लाता है तब जाकर पेयजल की व्यवस्था हो पाती है। यहीं नहीं, कई बच्चे अपने घर से पानी की बोतल साथ लाते हैं और ये खत्म हो जाती है तो प्यासे ही रहकर दिन गुजारना पड़ता है।
उधर, अभिभावकों का कहना है कि ऐसे हालात में हम अपने बच्चों को यहां पढ़ाने की कैसे सोंचे। यदि पेयजल व्यवस्था सुचारू नहीं होती है तो मजबूरन उन्हें बच्चों को निजी स्कूल में पढ़ाना पड़ेगा। ऐसे में उन पर आर्थिक भार भी बढ़ेगा।