चुनाव राजनीति की मुख्यधारा से जुड़े हों या फिर कैम्पस में चलने वाली छात्र राजनीति से, हर जगह धनबल और बाहुबल का ही बोलबाला देखने को मिलता है, लेकिन इन सबसे इतर एक आम और गरीब छात्र ने छात्रसंघ अध्यक्ष बन सभी को चौंका दिया है।
यह किस्सा जुड़ा है उदयपुर की छात्र राजनीति से जहां एक गरीब ऑटो चालक के बेटे ने न केवल छात्रसंघ चुनाव लड़ा बल्कि रिकॉर्ड जीत भी हासिल की। छात्रसंघ चुनावों में उसकी सादगी और आम छवि ही मतदाताओं को भायी।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रत्याशी भवानी शंकर बोरीवाल ने अपनी जीत से सभी को चौंकाया है। भवानीशंकर के पिता बालमुकुंद बोरीवाल लोडिंग टेम्पो चलाते हैं। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के संघटक वाणिज्य महाविद्यालय में अध्यक्ष के पद पर रिकॉर्ड 1175 वोटों से जीतकर कदम रखा।
अब भवानी शंकर के व्यक्तिगत व्यवहार और सम्पर्क को देखते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय केंद्रीय छात्रसंघ के अध्यक्ष के रूप में टिकट दिया है। न केवल मावली कस्बे में उसके लिए खुशी की लहर है, वरन समूचे क्षेत्र में चर्चा का बिन्दु बना हुआ है।