शंकराचार्य जगदगुरु स्वामी निश्चलानंद सरस्वती
पुरी के शंकराचार्य जगदगुरु स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा है कि संस्कृति की अस्मिता के लिए सरकार को अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कराना चाहिए। यह भारत के हर हिंदु का अधिकार है।
लालसोट विधायक किरोड़ीलाल मीणा के निवास पर मीडिया से निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी पूर्ण बहुमत का बहाना बनाते रहे, लेकिन अब भारतीय जनता पार्टी के पास ये बहाना भी नहीं है। वाजपेयी का कहना था कि उनकी सरकार बैसाखी पर है, लेकिन नरेन्द्र मोदी सरकार तो पूर्ण बहुमत में है। कश्मीर में पत्थरबाजों को लेकर उन्होंने कहा कि मोदी सरकार सेना के हाथ में हथकड़ी नहीं डाले बल्कि उन्हें स्वतंत्र रूप से काम करने दे, ताकि वे उन्हें मुंहतोड़ जवाब दे सके।
जगदगुरु स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि जब मक्का में मंदिर का निर्माण नहीं हो सकता तो अयोध्या में रामलला के जन्म स्थान पर मस्जिद बनाने का विवाद कहां तक उचित है। उन्होंने साफ—साफ शब्दों में कहा कि स्वतंत्र भारत में हिंदुओं की उदारता को दुर्बलता मानना सभी समुदायों की बड़ी भूल है। उन्होंने यहां तक कहा कि मुस्लिम धर्म को मानने वाले लोग पाकिस्तान की बजाय भारत में ज्यादा सुरक्षित है। ऐसे में उन्हें हिंदुओं और राष्ट्र की भावना के आचरण के अनुसार चलना चाहिए। राम मंदिर हिंदुओं का प्रबल अधिकार है और सरकार को उन्हें न्याय दिलाना चाहिए। जगदगुरु ने सभी राजनीतिक दलों से आह्वान किया कि वे राम मंदिर बनाने में सहयोग करें। निश्चलानंद सरस्वती यहां मेहंदीपुर बालाजी में आयोजित राष्ट्र रक्षा शिविर में भाग लेने आए थे।