फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राजस्थान: मुख्यमंत्री पद के लिए वसुंधरा-पूनिया के बीच जंग, गुलाबचंद कटारिया ने भी दिए संकेत

Sat, 19 Jun 2021 12:59 PM IST
Tanuja Yadav न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर

सार

राजस्थान में विधानसभा चुनाव में अभी समय है लेकिन भारतीय जनता पार्टी में मुख्यमंत्री चेहरे के लिए दो दावेदारों के बीच जंग शुरू हो गई है। सतीश पूनिया और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के समर्थक अपने-अपने नेताओं के लिए बयानबाजी कर रहे हैं। 
विज्ञापन
वसुंधरा राजे और सतीश पूनिया - फोटो : AMAR UJALA
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजस्थान में विधानसभा चुनाव भले ही अभी दूर हों लेकिन वहां मुख्यमंत्री पद के लिए अभी से जंग शुरू हो गई है। हाल ही में भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की तस्वीर के पार्टी कार्यालय से गायब होने के बाद इसके कयास और तेज हो गए हैं।

विज्ञापन


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया के बयान के बाद भावी मुख्यमंत्री के तौर पर पार्टी के नेता ही दो धड़ों में बंटते दिखाई दे रहे हैं। सचिन भवानी सिंह राजावत, प्रहलाद गुंजल के बाद अब प्रताप सिंह सिंघवी वसुंधरा राजे के पक्ष में खुलकर बयान दिया है। उनका कहना है कि वसुंधरा राजे के बिना राजस्थान में भाजपा फि सत्तासीन नहीं हो सकती है। 

इधर इसके जवाब में भाजपा के फायर ब्रांड नेता और विधायक मदन दिलावर ने व्यक्ति और नेताओं से बढ़कर पार्टी को महत्व देने का बयान देकर आग में घी का काम किया है। सतीश पूनिया और वसुंधरा राजे के समर्थकों के बीच अबतक की बयानबाजी हाड़ौती अंचल में ही सीमित थी लेकिन अब इन सबके बीच मेवाड़ के कद्दावर नेता गुलाबचंद कटारिया भी कूद पड़े हैं। 
विज्ञापन


बता दें कि साल 2018 के विधानसभा चुनाव में राजस्थान के इस मिथक को तोड़ दिया था कि जिसने मेवाड़ जीत लिया वहीं राजस्थान पर राज करता है। इस बार मेवाड़ के मात्र सात जिलों की कुल 35 विधानसभा सीटों में से कांग्रेस को 12 सीटें मिली जबकि भाजपा को 20 सीटें मिली थीं। 

बता दें कि अभी राजस्थान विधानसभा चुनाव में ढाई साल का समय है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे हाड़ौती क्षेत्र से आती हैं और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया जयपुर से चुनकर आए हैं। ऐसे में पूर्वी राजस्थान में क्या समीकरण बनेंगे और क्या बिगड़ेंगे, ये चुनाव के वक्त पता चलेगा। इसके अलावा सचिन पायलट और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का विवाद भी अब थमने का नाम नहीं ले रहा है। 

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें