राजस्थान हाईकोर्ट ने आरसीए में चल रहे विवाद के मामले में कहा है कि अदालत नहीं चाहती की आपसी विवाद के कारण खेल-खिलाड़ियों का नुकसान हो। अदालत में प्रकरण का निस्तारण होने में समय लगेगा, इसलिए सभी पक्ष मिलकर विवाद सुलझा लें। अदालत ने कहा कि यदि सहमति से विवाद तय नहीं होता है तो पांच सितंबर 2014 को निखिल डोरू के मामले में दिए निर्देशों को दोहराया जाएगा।
न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश जयपुर जिला क्रिकेट संघ की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। सुनवाई के दौरान अदालत ने पूछा कि प्रकरण में बीसीसीआई को पक्षकार बनाया या नहीं? इस पर बीसीसीआई की ओर से कहा गया कि आरसीए के दो गुटों की तरफ से चिट्ठी आती है। ऐसे में जब तक यह तय नहीं हो जाता कि आरसीए कौन संभाल रहा है, तब तक हमारे लिए फैसला लेना मुश्किल है।
इस पर अदालत ने कहा अब तो चिट्ठी लिखने का विवाद समाप्त हो चुका है। इस पर आरएस नांदू की ओर से कहा गया कि विवाद अभी समाप्त नहीं हुआ है। बीसीसीआई की ओर से अदालत को कहा गया कि आरसीए ने बीसीसीआई पर दावे कर रखे हैं।