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राजस्थान: मूक बधिर से दुष्कर्म नहीं हुआ यह मंजूर करने को पुलिस डाल रही दबाव, लड़की के पिता का आरोप

Tue, 01 Feb 2022 12:09 PM IST
सुरेंद्र जोशी पीटीआई, जयपुर

सार

पीड़िता के पिता के इस दावे से नए सिरे से बवाल मच सकता है। पीड़िता के पिता ने यह भी कहा है कि वह पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं है और न्याय चाहते हैं। मामले में राज्य सरकार ने सीबीआई जांच का फैसला किया है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Istock
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विस्तार
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राजस्थान के अलवर में कुछ दिनों पहले बुरी तरह जख्मी मिली मूक बधिर लड़की के पिता के आरोप से मामले में नया मोड़ आ गया है। लड़की के पिता ने आरोप लगाया कि पुलिस उन पर दबाव डाल रही है कि वह यह मंजूर कर लें कि उनकी बेटी से दुष्कर्म नहीं हुआ, वह दुर्घटना में घायल हुई है। यह एक लड़की एक पुल के पास सिसकती मिली थी और उसके निजी अंगों के पास चोट के निशान थे। 

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राजस्थान में यह मामला बीते कई दिनों से गरमा रहा है। विपक्ष व लड़की के परिजन इसे दुष्कर्म बता रहे हैं, लेकिन पुलिस व सत्तारूढ़ कांग्रेस नेता इससे इनकार कर रहे हैं। इस बीच सोमवार को पीड़िता के पिता के इस दावे से नए सिरे से बवाल मच सकता है। पीड़िता के पिता ने यह भी कहा है कि वह पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं है और न्याय चाहते हैं।

अलवर में पत्रकारों से चर्चा में पीड़िता के पिता ने कहा कि पुलिस हम पर इस बात के लिए दबाव डाल रही हैं कि हम स्वीकार कर लें कि वह एक दुर्घटना थी। हम डरे हुए हैं और सिर्फ न्याय चाहते हैं। उन्होंने बताया कि जब बेटी को एक स्थानीय अस्पताल ले जाया गया तो डॉक्टरों ने कहा था कि यह दुष्कर्म का मामला लगता है। इसके बाद पीड़िता को जयपुर के  जेके लोन अस्पताल भेज दिया गया था। वहां उसकी सर्जरी की गई। 
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पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया कि अब पुलिस अधिकारी हमसे यह मंजूर करने के लिए दबाव डाल रहे हैं कि यह एक दुर्घटना थी। हम पुलिस की कहानी से संतुष्ट नहीं हैं। हमें फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की रिपोर्ट भी अभी तक नहीं दी गई है। 

पैसा के प्रलोभन का भी लगाया आरोप
लड़की के पिता ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने उनसे कहा कि यदि वह मान लेते हैं कि यह एक दुर्घटना का मामला है तो उन्हें और पैसा दिया जाएगा। 

मामला सीबीआई को सौंपने का निर्णय
लड़की के पिता के आरोपों पर जब इस न्यूज एजेंसी ने अलवर के पुलिस अधीक्षक तेजवानी गौतम का जवाब जानने का प्रयास किया तो उनसे संपर्क नहीं हो सका। अलवर पुलिस ने शुरू में शक जाहिर किया था कि यह दुष्कर्म का केस हो सकता है, लेकिन बाद में एक मेडिकल रिपोर्ट के हवाले से दुष्कर्म की आशंका से इनकार किया और कहा कि यह एक दुर्घटना है। मामले को लेकर विरोध बढ़ने पर राज्य सरकार ने जांच के लिए मामला सीबीआई को सौंपने का निर्णय किया है। 

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