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बाल विवाह अभिशाप है, लेकिन ये हैं कि मानते ही नहीं...

Fri, 01 Dec 2017 10:59 AM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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child marriage
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सरकार के तमात जागरुकता अभियान व सामजिक कुरीतियों को दूर करने का प्रयास कर रही संस्थाओं के लिए यह चिंता का विषय है कि बाल विवाह की कुरीति अभी भी जस की तस है।
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दरअसल राजस्थान बाल विवाह के मामलों में देश के अग्रणी राज्यों में से है। नया मामला जोधपुर जिले का है। यहां के खिंदकोर ग्राम में पुलिस ने दो नाबालिग बहनों का विवाह रुकवाया है। यहीं नहीं बाल विवाह रुकवाने के बाद नाबालिगों के माता-पिता को न्यायालय में भी पेश किया गया।
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कोर्ट ने किया माता पिता को पाबंद

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यहां मुंसिफ मजिस्ट्रेट महेश मीणा ने 18 वर्ष की उम्र तक बच्चियों का विवाह नहीं करने के लिए पाबंद किया और शपथ पत्र भी भरवाया।

गौरतलब है कि इस मामले की कार्रवाई के लिए न्यायालय रात्रि आठ बजे तक खुला रहा। जानकारी के अनुसार ​खिंदकोर निवासी कानसिंह की दो नाबालिग बेटियों के विवाह की सूचना पुलिस को मिली थी। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने ​​विवाह को रुकवाते हुए माता पिता को ओसियां के मुंसिफ कोर्ट में पेश किया।
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