डॉक्टर और सरकारों के बीच तनातनी नई बात नहीं है। लेकिन इस रस्साकशी में यदि मरीजों की जान पर बन आए तो चिंता का विषय है। बीते माह राजस्थान में करीब सात दिन रही चिकित्सकों की हड़ताल के कारण 30 से अधिक मरीजों की जान चली गई थी। वहीं अब पुन: राजस्थान चिकित्सक सेवारत संघ के बैनर तले दस हजार से ज्यादा चिकित्सक हड़ताल पर जाने की तैयारी कर रहे हैं। दरअसल विवाद की जड़ चिकित्सक नेताओं के हाल में किए गए तबादले और बीते माह हुआ एक करार है। चिकित्सकों का आरोप है कि सरकार दमनकारी नीति को अपनाते हुए जबरन चिकित्सकों के तबादले कर रही है।
फिर बढ़ सकती है मरीजों की परेशानी
फाइल फोटो।
वहीं बीते माह हड़ताल खत्म करने के लिए जो सहमति पत्र बना था उसकी मांगों को भी अभी तक पूर्ण नहीं किया गया है। इसी विरोध के चलते चिकित्सकों ने सरकार को 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। इस दौरान प्रदेश के सरकारी अस्पताल में चिकित्सक अस्पताल के बाहर टेंट लगाकर मरीजों का इलाज करेंगे। वे केवल गंभीर मरीज को देखने की अस्पताल परिसर में प्रवेश करेंगे। यदि 72 घंटे में भी सरकार की ओर से कोई सकारात्मक रुख नहीं दिखता है तो चिकित्सक हड़ताल पर जा सकते हैं।