सरिस्का टाइगर रिजर्व में फिर से शिकारियों का खतरा मंडरा रहा है। पिछले एक माह में इस क्षेत्र से 15 से ज्यादा शिकारियों को वन विभाग पकड़ चुका है। वहीं ताजा घटनाक्रम में एसटी-9 बाघिन की पूंछ कटी मिली है।
हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि पूंछ शिकारियों ने काटी है या जानवरों की आपसी लड़ाई में पूंछ कट गई है। लेकिन रिजर्व में फिर से शिकारियों के रुख करने के बाद वन विभाग की मुश्किलें बढ़ गई हैं। गौरतलब है कि वर्ष 2005 में शिकारियों के चलते ही सरिस्का टाइगर रिजर्व बाघ विहिन हो गया था।
उसके बाद राज्य सरकार के बाघ पुर्नवास कार्यक्रम के बाद यहां टाइगर बसाए गए है। लेकिन उसके बाद भी एसटी-1 टाइगर की यहां मौत शिकारियों के जहर देने के कारण हो चुकी है। अब एसटी-9 बाघिन की पूंछ कटी मिलने के बाद फिर से पार्क पर खतरा मंडरा रहा है।
एसटी-9 बाघिन घायल होने के कारण काफी आक्रामक हो गई है। जयपुर से उसके ईलाज के लिए गई चिकित्सकों की टीम को उसे ट्रेंक्यूलाइज करने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। चिकित्सकों को भय है यदि समय पर ईलाज नहीं हुआ तो बाघिन को इंफेक्शन हो सकता है।