अशोक गहलोत सरकार के कैबिनेट मंत्री हेमाराम चौधरी ने बजरी खनन को लेकर अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हेमाराम चौधरी ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि बजरी के नाम पर लूट बर्दाश्त नहीं करूंगा। मंत्री प्रमोद जैन भाया को फोन कर बता दिया है। मेरे लिए जनता पहले है, सरकार बाद में है।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार कैबिनेट मंत्री हेमाराम चौधरी ने मीडिया से बातचीत में यह बयान दिया। हेमाराम चौधरी पायलट खेमे के नेता माने जाते हैं। उन्होंने अपनी ही सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रदेश में बजरी 550 रुपए टन से ज्यादा भाव में बेची जा रही है। वहीं रॉयल्टी पर्ची 40 रुपए के आसपास काटी जा रही है। खनन माफिया राजस्व का नुकसान तो कर ही रहे हैं। जनता को भी लूटा जा रहा है।
हेमाराम चौधरी ने आगे बताया कि बजरी खनन को लेकर लोगों के इतने फोन आते हैं कि मेरी नींद हराम हो गई है। जांच में पता चला कि सही में जनता को लूटा जा रहा है। बजरी खनन मामले में लोगों की मांग सही है। मेरे लिए पहले जनता है। उसके बाद सरकार है। लूट करने वालों के साथ मैं खड़ा नहीं रह सकता।
कैबिनेट मंत्री ने आगे कहा कि तीन जगह खनन की स्वीकृति के बाद भी रॉयल्टी 45 रुपए टन है। वहीं 550 रुपए टन से ज्यादा लिए जा रहे हैं। इसको लेकर मैंने खनन मंत्री प्रमोद जैन भाया से बात की है। उनको कहा कि इसको बंद किया जाए। इस लूट को हम होने नहीं देंगे। बजरी माफिया का किसका सपोर्ट है। यह मेरे लिए कहना ठीक नहीं है, लेकिन यह तय है कि बजरी मामले में जनता लूट रही है।