फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अभी सालभर और लगेगा सांगानेर की इस समस्या को दूर होने में

Wed, 24 May 2017 06:15 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
विज्ञापन
उद्योग भवन में बुधवार को आयोजित एकीकृत प्रोसेसिंग डवलपमेंट परियोजना की समीक्षा बैठक - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन
राजधानी जयपुर में रंगाई—छपाई और हैंडमेड पेपर के लिए फेमस सांगानेर में प्रदूषित पानी का जीरो लिक्विड डिस्चार्ज लाने में अभी कम से कम एक साल और लगेगा। यह काम काफी धीमी गति से चल रहा है। 
विज्ञापन


जयपुर स्थित उद्योग भवन में बुधवार को आयोजित एकीकृत प्रोसेसिंग डवलपमेंट परियोजना की समीक्षा बैठक के दौरान यह बात सामने आई। यहां पर रंगाई—छपाई इकाइयों निकलने वाले प्रदूषित पानी की समस्या को दूर करने के लिए सांगानेर में केंद्र, राज्य और एसपीवी के माध्यम से 159 करोड़ की लागत से ये प्रोजेक्ट चल रहा है। इसमें से 81 करो़ड़ 75 लाख रुपए केन्द्र व एसपीवी द्वारा उपलब्ध कराए जा चुके हैं और सिविल कार्य लगभग पूरा होने के साथ ही अब 42 किलोमीटर की पाइप लाइन ड़ालने का काम शुरु कर दिया है। इसके तहत इन इकाइयों का जीरो लिक्विड डिस्चार्ज करना है। यह काम जुलाई 2018 तक पूरा होगा। 

बैठक में उद्योग आयुक्त कुंजीलाल मीणा ने राज्य में सांगानेर, बालोतरा, जसोल और पाली की टैक्सटाइल इकाइयों के प्रदूषित पानी को प्रदुषण रहित बनाने की कार्य योजना को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। चारों स्थानों पर 396 करोड़ की लागत के कॉमन एप्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की परियोजना का संचालन किया जा रहा है। इस परियोजना में इकाइयों के प्रदूषित पानी का परिशोधन कर पुनःचक्रीकरण, आरओ लगाने, प्रदूषित पानी को निष्पादन के लिए समग्र प्रयास किए जा रहे हैं। परियोजनाओं के समयावधि स्वीकृति से दो वर्ष की है।
विज्ञापन


राजस्थान देश में ऐसा पहला प्रदेश है जहां केन्द्र सरकार के सहयोग से चार स्थानों पर यह परियोजना संचालित की जा रही है। उन्होने बताया कि केन्द्र सरकार के टैक्स्टाईल मंत्रालय के परियोजना लागत के 50 प्रतिशत वित्तीय सहयोग, राज्य सरकार व संबंधित क्षेत्र के संघों (एसपीवी) की 25-25 प्रतिशत भागीदारी से दूषित पानी के प्रदूषण रहित करने के लिए परियोजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें