'कार्यकर्ताओं की आवाज दबाई नहीं जा सकती है'
कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि पोस्टर में राहुल गांधी और सचिन पायलट की फोटो प्रमुखता से लगवाई गई थी। इसलिए किसी नेता या किसी और के इशारे पर ये पोस्टर फाड़े गए और होर्डिंग्स हटा दिए गए। राहुल गांधी और सचिन पायलट युवाओं के नेता है। ऐसे पोस्टर फाड़ कर कार्यकर्ताओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकता है।
बता दें कि इससे पहले भी अशोक गहलोत और सचिन पायलट के पोस्टर और हॉर्डिंग्स को लेकर विवाद हो गया था। झालावाड़ में भारत जोड़ो यात्रा की स्वागत में पोस्टर और होर्डिंग्स लगाए गए थे। जिनमें राहुल गांधी और सचिन पायलट नजर आ रहे थे लेकिन गहलोत की तस्वीर नहीं लगाई गई थी। उसके बाद पायलट समर्थकों ने भी गहलोत गुट पर आरोप लगाया था कि उन्होंने पायलट के पोस्टर को हटवा दिया है।