फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसान महापड़ाव: अब चक्का जाम की चेतावनी, सरकार से वार्ता कल

Mon, 11 Sep 2017 07:55 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
विज्ञापन
रास्ता रोक प्रदर्शन करते किसान - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू करने और कर्ज माफ की मांग को लेकर आज सीकर में किसानों द्वारा चक्का जाम किया गया। इस दौरान यहां सड़कें सूनी रहीं।
विज्ञापन


दरअसल, अखिल भारतीय किसान सभा के अध्यक्ष अमराराम और पूर्व विधायक पेमाराम के नेतृत्व में किसानों ने सीकर पिछले 11 दिन से कृषि उपज मंडी में महापड़ाव डाल रखा है। इसके चलते आज पूरे जिले भर में किसानों की ओर से चक्का जाम किया गया। इस दौरान यहां सड़कें सूनी रहीं और आम जन को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, सरकार की ओर से किसान नेताओं को बातचीत करने के लिए जयपुर आने का प्रस्ताव भेजा, लेकिन किसान नेताओं ने ऐसे बातचीत करने से इनकार कर दिया। अब कल 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल द्वारा जयपुर आकर वार्ता करने पर सहमति बनी है।

किसान नेता और पूर्व विधायक अमराराम का कहना है कि यदि सरकार किसानों की मांगें नहीं मानेगी तो महापड़ाव जारी रहेगा। उन्होंने कल पूरे प्रदेशभर के किसानों से चक्का जाम करने का आह्वान किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

यहां ट्रैक पर आए किसान

रास्ता रोकते किसान - फोटो : amar ujala
सीकर जिले में हजारों किसानों के चक्का जाम के चलते यहां पूरी तरह से पुलिस के जवान तैनात रहे। एक बार तो ऐसा लगा कि जिला मुख्यालय पूरी तरह छावनी में तब्दील हो गया। वहीं, प्रशासन ने भी एहतियातन यहां पर धारा 144 लागू कर इंटरनेट सेवाओं पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी। हालांकि, यहां धारा 144 का कोई असर नहीं दिखा।

उधर, राजपा के नेता किरोड़ीलाल मीणा और विधायक हनुमान बेनीवाल भी किसानों के समर्थन में सीकर पहुंचे हुए हैं। दोनों नेताओं ने किसानों की मांगों को सही ठहराया है। राजपा नेता किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि किसानों की मांगे जायज हैं। किसान पूरे 11 दिन से यहां अपने घर छोड़कर महापड़ाव डाले हुए हैं लेकिन सरकार किसानों की मांगों की अनदेखी कर रही है।

वहीं, चूरू में 17 सूत्री मांगों को लेकर किसानों ने कलक्ट्रेट के मुख्य गेट पर धरना दिया। यहां आज नेशनल हाईवे 52 पर जाम लगा दिया गया। किसानों के एक दल ने यहां रेलवे ट्रेक पर भी नारेबाजी की। इसके चलते यहां से गुजरने वाली ट्रेन को रोक दिया गया।

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें