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वासुदेव हत्याकांड की जांच एनकाउंटर स्पेशलिस्ट दिनेश एमएन को सौंपी 

Mon, 18 Sep 2017 08:22 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर 
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Murder - फोटो : Demo pic
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जोधपुर के नामी व्यापारी वासुदेव सिंधी के हत्याकांड ने प्रदेश की पुलिस सुरक्षा तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी अजीत सिंह शेखावत ने आज एक आदेश जारी कर मामले की जांच एसओजी को सौंप दी है। इसके बाद एडीजी एसओजी उमेश मिश्रा और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट आईजी दिनेश एमएन के नेतृत्व में गठित टीम आज जोधपुर रवाना हो गई।
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एडीजी क्राइम पंकज कुमार सिंह ने बताया कि जोधपुर में सेमसंग मोबाइल की दुकान करने वाले सरदारपुरा, जोधपुर निवासी एक व्यापारी वासुदेव सिंधी पर 17 जुलाई 17 की रात 10:45 पर मोटर साईकिल पर सवार अज्ञात दो बदमाशों ने फायरिंग कर वासुदेव सिंधी की पीठ में गोली लगी और हत्या कर भाग निकले। 

इस प्रकरण में सरदारपुरा थाना, जोधपुर पुलिस हत्या का मुकदमा दर्ज कर पड़ताल कर रही है। जिसमें सामने आया कि बाइक सवार दोनों बदमाशों में से एक ने हेलमेट पहन रखा था। मृतक वासुदेव सिंधी के परिवार में उनकी पत्नी, एक पुत्री व जंवाई है,जो उन्हीं की दुकान पर काम करते है।
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रुपयों का इंतजाम नहीं करने पर बदला लेने की धमकी दी थी

demo pic - फोटो : Demo pic
एडीजी क्राइम ने बताया कि इससे पहले 19 जून 17 को भी वासुदेव सिंधी पर हरेन्द्र जाट द्वारा जानलेवा हमला किया था। तब सरदारपुरा थाना पुलिस ने जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कर मोटर साईकिल सवार सवाई राम एवं कुंभाराम को गिरफ्तार किया था, लेकिन मुख्य मास्टरमाइंड भाग निकला था। 

इसके बाद जुलाई के पहले सप्ताह में भी आरोपी हरेंद्र ने वासुदेव सिंधी को फोन पर धमकी देकर रंगदारी मांगी थी। रुपयों का इंतजाम नहीं करने पर बदला लेने की धमकी दी थी। जानकारी के अनुसार वासुदेव सिंधी अपने गले व हाथों में काफी मात्रा में सोने के गहने पहनने का शौक रखता था। इस मर्डर में हरेंद्र जाट और उसके गिरोह का हाथ होने का अंदेशा है। जिसके लारेंस विश्नोई गैंग से भी संबंध होने की जानकारी मिली है। 
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