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सेना भर्ती गोरखधंधाः शिकार फांसने को खोली एकेडमी, 10 साल से चालू थी ठगी

Wed, 24 May 2017 04:16 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर 
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करोड़ों रुपए हड़पने वाले गिरोह - फोटो : Vishnu Sharma
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उदयपुर में आयोजित भारतीय सेना भर्ती रैली के दौरान गारंटी से भर्ती करवाने के बहाने करोड़ों रुपए हड़पने वाले गिरोह का मंगलवार रात पर्दाफाश होने के बाद एक और बड़ा खुलासा हुआ है। इस गिरोह में शामिल कुछ सदस्य पिछले करीब 10 साल से इस गोरखधंधे में सक्रिय थे।
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एसओजी-एटीएस के एडीजी उमेश मिश्रा ने बुधवार को प्रेसवार्ता में यह खुलासा किया। उन्होंने इस गिरोह में अभी तक की जांच में किसी भी आर्मी के अफसर की लिप्तता की बात से इंकार किया है। एडीजी मिश्रा के मुताबिक सेना भर्ती के दौरान ग्रामीण व दूरस्थ इलाकों से आने वाले युवकों को फंसाने के लिए इस गिरोह में शामिल ठग महेंद्र ओला ने माचड़ा, बैनाड़ रेलवे स्टेशन के समीप बालाजी डिजीटल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के नाम से एक कोचिंग सेंटर खोल रखा है। जहां वह सेना भर्ती पाठ्यक्रम की पढ़ाई व ट्रेनिंग कोर्स कराता है। उसके आॅफिस से करीब 40 अभ्यर्थियों के मूल दस्तावेज बरामद हुए है। 

इसी तरह, गिरफ्तार आरोपी सुनील व्यास ने जयपुर के हरमाड़ा इलाके में 4 सी स्कीम के पास एनसीसी डिफेंस एकेडमी के नाम से कोचिंग सेंटर चलाता है। कोचिंग में ट्रेनिंग व पढ़ाई के लिए करीब 80 हजार रुपए फीस वसूलते थे। वहीं, गारंटी से सेना में भर्ती कराने का आश्वासन देकर 3 से 4 लाख रुपए प्रति अभ्यर्थी से वसूल कर लेते थे।
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शिकायतकर्ता पुलिस व सेना से अब तक दूर

गिरोह से बरामद रुपयों से भरे सूटकेस - फोटो : Vishnu Sharma
एडीजी मिश्रा के मुताबिक कोचिंग के दौरान ही यह गिरोह और को​चिंग संचालक आरोपी ऐसे अभ्यर्थियों को चुन लेते थे। जिनके फिजीकल और पढ़ाई की वजह से आर्मी में भर्ती होना आसान रहता है। उन्हें ही गारंटी से भर्ती करवाने के बहाने बातों में फंसाकर मोटी रकम वसूल कर लेते थे। इसके बाद उनके ओरिजनल शेक्षणिक व अन्य दस्तावेज लेकर अपने कब्जे में रखते थे। 

फिर पूरी रकम मिलने के बाद उन्हें दस्तावेज लौटाते थे। इसी तरह, जिन अभ्यर्थियों का रुपए देने के बावजूद सेना में भर्ती नहीं हुई। उन्हें अगली भर्ती करवाने की गारंटी देते हुए आश्वासन देकर शांत करवा देते थे या फिर उन्हें रुपए वापस लौटा देते थे। इससे अभी तक कोई शिकायतकर्ता पुलिस या सेना के समक्ष सामने नहीं आया। 

गौरतलब है कि मिलिट्री इंटेलीजेंस की सूचना पर एटीएस ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए सेना भर्ती ठगी गिरोह में शामिल गांव टांट, तहसील नोखा, बीकानेर हाल बैनाड़ रोड, हरमाड़ा जयपुर निवासी आरोपी अर्जुन सिंह, माचड़ा, सीकर रोड निवासी आरोपी महेंद्र ओला, केशव नगर, मुरलीपुरा निवासी नन्द सिंह उर्फ नन्दलाल सिंह और चौथे आरोपी सुनील ​व्यास निवासी बैनाड़ रेलवे स्टेशन, जयपुर को गिरफ्तार किया था।

मिलिट्री इंटेलीजेंस के सहयोग व सूचना के आधार पर उदयपुर एटीएस की एडिशनल एसपी रानू शर्मा और जयपुर एटीएस में एडिशनल एसपी बजरंग सिंह शेखावत के नेतृत्व में गठित टीमों ने यह कार्रवाई की गई। 

 
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