अपराधों की रोकथाम, अपराधियों पर काबू पाने और कानून व शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदेश की पुलिस को जनता को अपने आंख, नाक व कान बनाना चाहिए। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने यह नसीहत प्रदेश के जिलों में तैनात पुलिस अधीक्षकों और उच्चाधिकारियों को दी।
जयपुर में आयोजित एसपी-कलेक्टर्स कॉफ्रेंस के तीसरे दिन मुख्यमंत्री राजे ने पुलिस अधिकारियों की क्लास ली। जिसमें उन्होंने थानों में पड़े कबाड़ पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सालाें तक भी थानों में पड़े कबाड़ का निस्तारण नहीं हाे पाता। इससे थानाें में कबाड़ का ढ़ेर लग जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि थाने साफ एवं सुन्दर हाेने चाहिए। इसके लिए पुलिस अधीक्षकों से कहा कि मालखानाें में बरामद एवं जब्त शुदा वाहनाें, शराब तथा अन्य सामानों के शीघ्र निस्तारण की पहल करें।
मुख्यमंत्री राजे ने रेंज आईजी, पुलिस कमिश्नराें तथा पुलिस अधीक्षकों से कानून एवं व्यवस्था की स्थिति, अपराध नियंत्रण तथा स्मार्ट पुलिसिंग के लिए किए जा रहे नवाचाराें पर फीडबैक लिया।
मुख्यमंत्री ने रिटायर पुलिसकर्मियाें एवं सैनिकाें की मदद लेने की बात कहते हुए बताया कि बाड़मेर में जिला पुलिस द्वारा सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियाें एवं पूर्व सैनिकाें काे मित्र मंडल के रूप में जाेड़ने की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि अन्य सीमावर्ती जिलाें में भी इस माॅडल काे अपनाया जाए।
ह्यूमन इंटेलीजेंस के साथ ह्यूमन साइकाेलाॅजी काे भी करें शामिल
एसपी—कलेक्टर्स कॉफ्रेंस, राजस्थान
- फोटो : Vishnu Sharma
राजे ने कहा कि पुलिस अधिकारी अपनी कार्यशैली में ह्यूमन इंटेलीजेंस के साथ—साथ ह्यूमन साइकाेलाॅजी काे भी शामिल करें। पुलिस अधिकारियों को उन बातों को समझने की बेहत जरुरत है जो अपराध का कारण बनते हैं।
साथ ही, महिलाआें, बच्चों और कमजाेर वर्गाें से जुड़े अपराधाें की संवेदनशील होकर तफ्तीश करने के निर्देश दिए। कॉफ्रेंस में एडीजी क्राइम पीके सिंह ने अपराध विश्लेषण—चुनौतियां एवं समाधान विषय पर तथा जयपुर पुलिस कमिश्नर संजय अग्रवाल ने राज्य में पुलिस द्वारा किए जा रहे नवाचाराें पर प्रजेन्टेशन दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस ने प्रदेशभर में अपराधाें पर लगाम लगाने के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाआें से हाेने वाली माैतों में कमी लाने का काम किया है। इसके लिए पुलिस अधिकारियों ने जाे प्रयास किए हैं उन्हें प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोगाें तक पहुंचाना चाहिए, ताकि जनता जागरूक हाेकर अपराध आैर हादसे राेकने में पुलिस की सहयोगी बने।