राजस्थान बीजेपी प्रभारी अरुण सिंह ने कहा, बीजेपी छोड़कर गए नेताओं की घर वापसी के लिए कमेटी का गठन किया जाएगा। कमेटी की अनुशंषा पर अंतिम निर्णय बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया लेंगे। दरअसल, विधानसभा चुनाव 2018 के दौरान बीजेपी के कई नेताओं ने पार्टी छोड़ दी थी, लेकिन अब वे घर वापसी चाहते हैं।
बता दें कि हाल ही में वसुंधरा राजे के बीकानेर दौरे के दौरान पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी की बीजेपी में शामिल होने की चर्चा थी। लेकिन बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया की हरी झंड़ी नहीं मिलने वजह से शामिल नहीं हो पाए। राजस्थान के दौरे पर आए प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि घर वापसी का अंतिम निर्णय सतीश पूनिया ही करेंगे।
अंतिम निर्णय सतीश पूनिया लेंगे....
अरुण सिंह ने मंगलवार को जयपुर में प्रेस वार्ता में कहा, बीजेपी छोड़कर जा चुके नेताओं की घर वापसी के लिए कमेटी बनाई जाएगी। यह कमेटी कमेटी नेताओं के प्रोफाइल और तमाम पहलुओं पर चर्चा करके रिपोर्ट तैयार करेगी। जो नेता पार्टी की नीतियों में विश्वास करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से किए जा रहे कामकाज से प्रभावित होकर पार्टी ज्वाइन करना चाहेगा, उसे ही पार्टी में शामिल करवाया जाएगा।
बता दें, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा 20 और 21 अक्टूबर को कोटा दौरे पर रहेंगे। इस दौरान नड्डा पार्टी कार्यकर्ताओं में आगामी विधानसभा चुनाव को जोश भरेंगे। लेकिन इसी दौरान बीजेपी छोड़कर गए नेताओं की वापसी की चर्चाएं भी तेज हैं। हालांकि, बीजेपी प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह ने साफ कह दिया कि पहले कमेटी बनेगी, फिर वो अपनी रिपोर्ट बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया को सौंपेगी, जिसके बाद अंतिम निर्णय प्रदेश अध्यक्ष के स्तर पर होगा।
सुभाष महरिया-सुरेंद्र गोयल की घर वापसी की चर्चा...
विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी छोड़ कर जाने वाले नेताओं की घर वापसी को लेकर इन दिनों प्रदेश बीजेपी में चर्चाएं जोरों पर हैं। हालांकि, जिन आधा दर्जन नेताओं की घर वापसी की बात कही जा रही है। उनका फैसला पार्टी की कोर कमेटी करेगी।
पार्टी की कोर कमेटी की बैठक 21 अक्टूबर को राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की अध्यक्षता में कोटा में आयोजित होगी, जिसमें नेताओं की घर वापसी का फैसला होगा। चर्चा है कि पूर्व जलदाय मंत्री सुरेंद्र गोयल, पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुभाष महरिया और पूर्व मंत्री राजकुमार रिणवा के साथ कांग्रेस में शामिल हुए कुछ नेताओं बीजेपी में शामिल होना चाहते हैं।