जोधपुर विकास प्राधिकारण में वर्ष 2012-13 हुए करोडों के गबन और अनियमितताओं के मामले में मंगलवार को जेडीए चेयरमैन को गिरफ्तार कर लिया। सुप्रीम कोर्ट से राज्य सरकार और एसीबी को राहत मिलने के बाद ऐसा किया गया। उधर, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस मामले में सरकार पर बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया है।
जेडीए में करोडों के गबन के मामले में आरोपित तत्कालीन जेडीए के चैयरमेन राजेन्द्र सोलंकी पूछताछ के लिए एसीबी के समक्ष पेश हुए। इस दौरान जानकारी मिली कि सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार और एसीबी की याचिका पर सुनवाई करते हुए सोलंकी को राजस्थान हाईकोर्ट से मिली जमानत पर रोक लगा दी है। इसके बाद एसीबी ने शाम को राजेन्द्र सोंलंकी को गिरफ्तार किया है।
फिलहाल एसीबी ने सोलंकी को एसीबी के मुकदमा संख्या 110 महामंदिर इलाके में सामुदायिक भवन निर्माण में अनियमितता के मामले में गिरफ्तार किया है। वहीं, अन्य आरोपित जेडीए के तत्कालीन निदेशक (अभियांत्रिकी) के.के. माथुर अभी भी फरार हैं। उधर, गिरफ्तारी की सूचना के बाद एसीबी कार्यालय पहुंचे लोगों ने एसीबी पर सरकार के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। गिरफ्तारी के बाद सोलंकी ने कहा कि वह खुद पूछताछ के लिए एसीबी के समक्ष पेश हुए हैं। उन्होंने कहा कि वह ईमानदार है, उन्होंने जो भी कार्य किया है वह जनहित में किया है। इसके बाद भी उन्हें जेल जाना पड़ रहा है तो वह इसके लिए पूरी तरह से तैयार हैं।