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सिस्टम की बदहाली: कमांड सेंटर के दो तिहाई कैमरे खराब, कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री ने किया था लोकार्पण

Mon, 11 Oct 2021 12:20 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा

सार

स्मार्ट सिटी के इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के 673 उपकरणों में से 453 खराब हैं, केवल 220 ही काम कर रहे हैं, जिनमें से 60 फिक्स कैमरों में से 57 खराब हैं महज तीन कैमरे चालू हैं।
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आगरा: खराब सीसीटीवी कैमरे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच दिन पहले आगरा के इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर का लखनऊ में हुए समारोह में लोकार्पण किया था। इस कमांड सेंटर से जुड़े दो तिहाई कैमरे और उपकरण खराब पड़े हैं। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 284 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए जा रहे इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से जुड़े इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के 673 कैमरों और उपकरणों में से केवल 220 ही काम कर रहे हैं। बाकी 453 उपकरण और कैमरे बंद पड़े हैं। सबसे खराब स्थिति फिक्स कैमरों की है। 60 में से 57 कैमरे बंद पड़े हुए हैं। ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम की इस बदहाली के कारण ही शहर की सड़कों और चौराहों पर जाम के हालात हैं, जिसके लिए खुद आईजी को पुलिस अधिकारियों के साथ सड़कों पर उतरना पड़ा है।
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कैमरे खराब होने पर लगाया 7.61 करोड़ जुर्माना
स्मार्ट सिटी के इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर का काम करने वाली कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) पर ट्रैफिक लाइट और कैमरे खराब होने पर स्मार्ट सिटी कंपनी के सीईओ निखिल टी फुंडे ने 7.61 करोड़ रुपये का जुर्माना किया है। उन्होंने बताया कि कंपनी के सीएमडी को भी पत्र लिखकर लापरवाही की जानकारी दी गई है और बंद कैमरों का संचालन तत्काल शुरू करने और व्यवस्थाएं सुधारने के लिए कहा गया है। बीईएल पर तीन बार यह जुर्माना किया गया है। इसमें पहली बार 28 लाख रुपये, दूसरी बार 1.68 करोड़ रुपये और तीसरी बार 5.65 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

 
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जुर्माना नहीं, सख्त कार्रवाई हो
प्रधानमंत्री जिस योजना का लोकार्पण करते हैं, उसे पूरी तरह से जांचा-परखा जाता है, तब उद्घाटन या शिलान्यास कराया जाता है। लेकिन कमांड सेंटर पूरी तरह से शुरू नहीं हो पाया है। जनता के पैसों का केवल दुरुपयोग किया गया है। केवल जुर्माना नहीं बल्कि कंपनियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। - शिरोमणि सिंह, पार्षद

भ्रष्टाचार की जांच भी की जाए
स्मार्ट सिटी के हर काम की जांच होनी चाहिए। एक साल पहले कमांड सेंटर शुरू हो जाना चाहिए था, लेकिन अब तक काम नहीं कर पा रहा। निगरानी तो तब होगी, जब कैमरे काम करेंगे। कमांड सेंटर में हुए भ्रष्टाचार की जांच जरूरी है। - मुकेश यादव, पूर्व पार्षद

आईटीएमएस का हाल
उपकरण                                                  लगे                   चालू                          बंद
फिक्स कैमरे                                              60                      3                            57
पीटीजेड कैमरा                                          56                     20                          36
एएनपीआर कैमरा                                      207                   78                           129
आरएलवीडी कैमरा                                    109                    43                           66
पीए सिस्टम                                                43                    20                           23
पैनिक बटन                                               43                   27                             16
ई-चालान डिवाइस                                     100                   0                             100

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