बीएमसी के मुताबिक, पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी ने पुष्टि की कि उपनगरीय चेंबूर का निवासी मरीज जीका वायरस से संक्रमित था। उनमें 19 जुलाई 2023 से बुखार, बंद नाक और खांसी जैसे लक्षण थे।
मुंबई में 79 वर्षीय एक व्यक्ति जीका वायरस से संक्रमित पाया गया था। हालांकि, अब वे पूरी तरह से ठीक हो गए हैं। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने बुधवार को बताया कि जीका संक्रमण एक स्व-सीमित बीमारी है। ऐसे में लोगों को घबराना नहीं चाहिए।
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बीएमसी के मुताबिक, पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी ने पुष्टि की कि उपनगरीय चेंबूर का निवासी मरीज जीका वायरस से संक्रमित था। उनमें 19 जुलाई 2023 से बुखार, बंद नाक और खांसी जैसे लक्षण थे। उन्होंने एक निजी चिकित्सक से उपचार कराया था। मरीज अब ठीक हो गया और दो अगस्त को उसे छुट्टी दे दी गई थी। जानकारी के मुताबिक, मरीज की 20 साल पहले एंजियोप्लास्टी हुई थी और उसे मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और थैलेसीमिया माइनर जैसी कई बीमारियां हैं।
विज्ञप्ति में बताया गया कि मामला सामने आते ही मरीज के आसपास के घरों का सर्वेक्षण किया गया, लेकिन कोई अन्य मामला सामने नहीं आया। दरअसल, जीका वायरस रोग स्व-सीमित है। संक्रमित होने वाले लगभग 80 प्रतिशत व्यक्तियों में कोई भी लक्षण नहीं दिखते। जीका वायरस रोग जीका वायरस के कारण होने वाली एक हल्की बीमारी है और यह संक्रमित एडीज मच्छरों से फैलता है, जो डेंगू और चिकनगुनिया भी फैलाते हैं। बुखार, त्वचा पर चकत्ते, मांसपेशियों या जोड़ों में दर्द, अस्वस्थता और सिरदर्द जीका वायरस संक्रमण के लक्षण हैं।