फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट: जाकिया ने कहा- गुजरात दंगों के पीछे बड़ी साजिश व अफसरों की निष्क्रियता

Wed, 27 Oct 2021 02:40 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

जाकिया की याचिका पर बहस कर रहे सिब्बल ने कहा, मैं नहीं चाहता कि किसी का नाम लिया जाए। यह कानून और व्यवस्था का मुद्दा है। ऐसा दोबारा नहीं होना चाहिए। मैं केवल जांच चाहता हूं। मैं इस चरण पर कोई दोषसिद्धि नहीं चाहता। 
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ani
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कांग्रेस सांसद एहसान जाफरी की पत्नी जाकिया जाफरी ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 2002 के गुजरात दंगों के पीछे नौकरशाही की निष्क्रियता और पुलिस की मिलीभगत की साजिश थी।

विज्ञापन


जस्टिस एएम खानविलकर की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि उनके मुवक्किल को ऊंचे रसूख वाले व्यक्तियों और राजनीति से कोई मतलब नहीं है। मसला कानून-व्यवस्था और व्यक्तियों के अधिकार से जुड़ा है। सिब्बल गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री मोदी और अन्य उच्च अधिकारियों को क्लीन चिट देने वाली एसआईटी रिपोर्ट को चुनौती देने वाली जाकिया की याचिका पर बहस कर रहे थे।

पीठ ने कहा कि वह क्लोजर रिपोर्ट देखना चाहेगी, जिसे मजिस्ट्रेट ने स्वीकार कर लिया था। सिब्बल ने कहा कि याचिकाकर्ता ने गुजरात के डीजीपी के समक्ष शिकायत कर आरोप लगाया था कि दंगा व्यापक साजिश था, जिसके कारण गोधरा कांड के बाद राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति चरमरा गई।
विज्ञापन


मोदी व अन्य को क्लीन चिट के खिलाफ याचिका
सिब्बल ने कहा कि 23,000 पृष्ठों की सामग्री है जो केवल गुलबर्गा सोसायटी मामले तक सीमित नहीं है। हम केवल यह चाहते हैं कि यह अदालत इन पृष्ठों को देखे। अगर अदालत इसे गुलबर्गा तक सीमित कर देती है तो कानून के शासन का क्या होगा? 2018 में दायर की गई इस याचिका पर सुनवाई बुधवार को भी जारी रहेगी।

81 वर्षीय जाकिया ने गुजरात हाईकोर्ट के 5 अक्तूबर, 2017 के आदेश के खिलाफ याचिका दायर की है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट नियुक्त एसआईटी द्वारा मोदी और अन्य को दी गई क्लीन चिट को बरकरार रखा था।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें