दक्षिण चीन सागर में बढ़ते तनाव के बीच चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग वियतनाम की यात्रा पर है। इस दौरान उन्होंने दक्षिण चीन सागर पर विवाद के समाधान की बात की। दो दिवसीय यात्रा पर पहुंचे जिनपिंग ने कहा कि इसे सुलझाने के लिए बीजिंग और हनोई दोनों को 'परस्पर स्वीकार्य समाधान' ढूंढना चाहिए।
बता दें छह साल में शी जिनपिंग की यह पहली यात्रा है। हनोई और बीजिंग के बीच दक्षिण चीन सागर पर खटास के चलते अमेरिका के साथ वियतनाम का नजदीकियां बढ़ी हैं। जिसको लेकर चीन बौखलाया हुआ है।
जिनपिंग ने की वियतनाम के नेताओं संग वार्ता
अपने दो दिवसीय दौरे के क्रम में शी अपनी पत्नी पेंग लियुआन के साथ हनोई पहुंचे हैं। यहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। जिसके बाद, चीनी राष्ट्रपति ने वियतनाम के साथी नेताओं के साथ गहन दौर की बातचीत की। उस दौरान दोनों पक्षों के बीच एक नई रेल परियोजना सहित कई नए सौदों पर वार्ता हुई। इस दौरान शी ने बीजिंग और हनोई से दक्षिण चीन सागर विवाद का पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान खोजने और दीर्घकालिक क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने का आह्लान किया। शी ने कहा कि इस क्षेत्र में विवाद को खत्म करने के लिए दोनों पक्षों के नेताओं को आम समझ पर काम करने, समुद्री मुद्दों पर मतभेदों को ठीक से प्रबंधित करने और संयुक्त रूप से पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान तलाशने की जरूरत है।
बता दें वियतनाम, फिलीपींस, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान के साथ दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा करता है। वहीं चीन भी इसके अधिकांश हिस्से पर चीन भी अपना दावा करता है। शी की यह वियतनाम यात्रा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह चीन और फिलीपींस के बीच बढ़ते तनाव और हाल के दिनों में चीनी और फिलीपीन जहाजों के बीच कई टकरावों के बीच हो रही है। साथ ही चीन, वियतनाम के जापान और अमेरिका के साथ बढ़ती नजदीकियों से भी चिंतित है। हाल ही में बाइडन की हनोई यात्रा के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव और भी गहराया है।