प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित राशन वितरण घोटाले के सिलसिले में पश्चिम बंगाल के मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक और एक व्यवसायी के खिलाफ मंगलवार को आरोप-पत्र दायर किया। 27 अक्तबर को मलिक की गिरफ्तारी के 46 दिन बाद कोलकाता की एक कोर्ट में आरोप-पत्र दायर किया गया।
ईडी ने दावा किया कि मंत्री के कारोबारी बकीबुर रहमान के साथ संबंध पाए गए हैं। कारोबारी को इस मामले में अक्तूबर की शुरुआत में गिरफ्तार किया गया था। मामले के जांच अधिकारी ने मलिक और रहमान के खिलाफ अदालत में आरोप-पत्र दाखिल किया।
मलिक को केंद्रीय एजेंसी ने 27 अक्तूबर की सुबह कोलकाता के पूर्वी इलाके में साल्ट लेक स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया था। मलिक के पास ममता सरकार में फिलहाल वन विभाग है। उनके पास 2011 से 2021 तक खाद्य और आपूर्ति विभाग था। कारोबारी फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।
ईडी, सीबीआई को जांच प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश
इस बीच कलकत्ता उच्च न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई को पश्चिम बंगाल में प्राथमिक विद्यालय की नौकरी भर्तियों में कथित अनियमितताओं की अपनी जांच की प्रगति पर अलग-अलग रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। सीबीआई भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है तो ईडी मामले में धन के लेन-देन की जांच कर रही है। जस्टिस अमृता सिन्हा ने ईडी को 14 दिसंबर को रिपोर्ट पेश करने को कहा। सीबीआई 20 दिसंबर को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
20 दिसंबर को प्रधानमंत्री से मिलेंगी ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 20 दिसंबर को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगी। इस दौरान राज्य का बकाया जारी करने की मांग पर बातचीत हो सकती है। एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी। इससे पहले ममता बनर्जी ने दावा किया था कि केंद्र को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) एवं अन्य मदों में पश्चिम बंगाल को 1.15 लाख करोड़ रुपये की बकाया राशि देनी है।