फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टू-फिंगर टेस्ट: प्रतिबंध के बावजूद एयरफोर्स की महिला अधिकारी का हुआ टेस्ट, महिला आयोग ने एयर चीफ मार्शल को लिखा पत्र 

Fri, 01 Oct 2021 12:15 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एयरफोर्स की महिला अधिकारी ने एफआईआर में बताया कि मेरे लिए टू-फिंगर टेस्ट से गुजरना बेहद पीड़ादायक था। इस मामले को महिला आयोग ने संज्ञान लिया है। 
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

रेप पीड़िता के लिए टू-फिंगर टेस्ट दोबारा रेप के समान है। इस पर प्रतिबंध के बावजूद एयरफोर्स की एक महिला अधिकारी का टू-फिंगर टेस्ट किया गया, जिस पर महिला आयोग ने कड़ी आपत्ति जताई है। महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने एयर चीफ मार्शल को पत्र भी लिखा है और इस मामले पर कार्रवाई की मांग की है। 

विज्ञापन


बता दें, रेप की पुष्टि के लिए टू-फिंगर टेस्ट किया जाता है। इस पर सुप्रीम कोर्ट प्रतिबंध लगा चुका है। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि इस टेस्ट से रेप की पुष्टि नहीं की जा सकती। क्योंकि, इससे यह स्पष्ट नहीं होता कि पीड़िता पहले से सेक्सुअली एक्टिव थी या फिर उसके साथ रेप हुआ है। 2014 में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने भी टू-फिंगर टेस्ट को अवैज्ञानिक करार दिया था। 

महिला आयोग ने कहा-शर्मनाक
टू-फिंगर टेस्ट को लेकर कई बार आलोचना भी हो चुकी है। इसके बाद भी महिला अधिकारी का यह टेस्ट किया गया। इस पर महिला आयोग ने इसे शर्मनाक हरकत बताया है। महिला आयोग ने कहा कि एयरफोर्स के अधिकारियों को पता होना चाहिए कि इस टेस्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई है। आयोग ने कहा कि यह महिला अधिकारी की गरिमा व निजता का हनन है। 
विज्ञापन


एयरफोर्स कॉलेज में हुआ था रेप 
एयरफोर्स की महिला अधिकारी ने एक अन्य अधिकारी पर रेप का आरोप लगाया था। महिला अधिकारी का कहना था कि उसके साथ एयरफोर्स एडमिनिस्ट्रेटिव कॉलेज में ही रेप किया गया। इस घटना की कोयंबटूर जिले में एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद आरोपी फ्लाइट लेफ्टिनेंट ने पुलिस के सामने सरेंडर भी कर दिया था। फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें